स्टॉक मार्केट में मनीव्यू की शानदार शुरुआत, मुनाफे में आईपीओ निवेशक

 


नई दिल्ली, 01 अक्टूबर (हि.स.)। अपने क्लायंट्स को मोबाइल प्लेटफॉर्म के जरिये डिजिटल फाइनेंशियल सर्विस देने वाली कंपनी मनीव्यू लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जोरदार एंट्री करने में सफलता हासिल की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 34 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 63.56 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 55.61 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 61.76 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 55 रुपये के स्तर पर हुई।

मजबूत लिस्टिंग के बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस शेयर की स्थिति में सुधार होने लगा। लगातार हो रही खरीदीरी के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 62 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू जाने के कारण इसकी चाल में गिरावट आ गई। बाजार में लगातार जारी खरीद -बिक्री के बीच दोपहर 2:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 52.39 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 18.39 रुपये यानी 54.09 प्रतिशत के जबरदस्त फायदे में थे।

इस कंपनी का 1,091.68 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 से 28 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 71.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 92.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 119.98 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 20.13 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 32,10,82,435 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 750 करोड़ रुपये के 22,05,88,235 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 342 करोड़ रुपये के 10,04,94,200 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी डिफॉल्ट लॉस गारंटी अरेजमेंट के तहत लोन डिस्बर्सल की ग्रोथ बढ़ाने, कैपिटल बेस को बढ़ाने के लिए निवेश करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

मनीव्यू लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 171.15 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 240.28 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 242.71 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,389.24 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बड़ी बढ़त के साथ 2,378.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 3,404.27 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 1,708.92 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3,413.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 5,157.04 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी की कुल संपत्ति में भी इजाफा देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी कुल संपत्ति 3,519.50 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 5,632.42 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़ कर 8,10 4.85 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर लगातार बढ़त हासिल हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 1,569.21 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,878.10 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़कर 2,185.06 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1,606.64 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 1,918.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 2,225.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 328.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 697.98 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 968.92 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक