स्टॉक मार्केट में महाराजा एंड स्पीडेक्स इंडिया की धमाकेदार शुरुआत, प्रीमियम लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट
नई दिल्ली, 18 सितंबर (हि.स.)। स्पीडेक्स ब्रैंड नेम से स्टेनलेस स्टील की सिंगल वॉल बोतल, डबल वॉल वैक्यूम इंसूलेटेड बोतल और अन्य स्टेनलेस स्टील उत्पाद बनाने वाली कंपनी महाराजा एंड स्पीडेक्स इंडिया लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जबरदस्त मजबूती के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 186 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर पर इसकी लिस्टिंग 34.40 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 250 रुपये के स्तर पर हुई।
जोरदार लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली के चक्कर में हुई बिकवाली की वजह से ये शेयल गिर कर 240 रुपये के स्तर पर आ गया। इसके बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस शेयर की स्थिति में सुधार होने लगा। लगातार हो रही खरीदीरी के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 262.50 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 76.50 रुपये यानी 41.13 प्रतिशत का फायदा हो गया।
इस कंपनी का 80.13 करोड़ रुपये का आईपीओ 10 से 15 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 23.06 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 20.51 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 39.53 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 19.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 43.08 लाख शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 64 करोड़ रुपये के 34,46,400 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 16 करोड़ रुपये के 8,61,600 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मशीनरी की खरीदारी करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
महाराजा एंड स्पीडेक्स इंडिया लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 5.57 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 15.34 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 61.41 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 93.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 122.74 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 16.11 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 148.04 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 26.66 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 4.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 11.39 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 26.74 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर लगातार सफलता मिलती रही। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 4.96 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 13.51 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस मामूली बढ़ोतरी के साथ 15.96 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 2.90 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 10.61 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 22.52 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक