स्टॉक मार्केट में लेजर पावर एंड इंफ्रा की मजबूूत शुरुआत, फायदे में आईपीओ निवेशक

 


नई दिल्ली, 16 जुलाई (हि.स.)। पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी लेजर पावर एंड इंफ्रा के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 214 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 25.70 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 269 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 16.82 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 250 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर एनएसई पर 267.98 रुपये तक चढ़ गया, वहीं बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण इसमें थोड़ी गिरावट भी दर्ज की गई। सुबह 11:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद लेजर पावर एंड इंफ्रा के शेयर 263.04 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 49.04 रुपये यानी 22.92 प्रतिशत का फायदा हो गया है।

इस कंपनी का 742 करोड़ रुपये का आईपीओ नौ से तेरह जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 41.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 97.25 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 45.69 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 6.95 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत पांच रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 3,46,72,896 करोड़ शेयर बेचे गए हैं। इनमें 542 करोड़ रुपये के 2,53,27,102 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि 200 करोड़ रुपये के 93,45,794 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

लेजर पावर एंड इंफ्रा की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 40.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 106.75 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 151.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,763.65 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में शानदार बढ़ोतरी के साथ 2,592.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में गिरावट आई। इस साल कंपनी को 2,347.89 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में इस दौरान लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 393.75 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में बढ़ कर 502.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले साल यानी पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 828.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 473.44 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 574.58 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में भी कंपनी के नेटवर्थ ने छलांग लगाई। इस वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 725.41 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी की ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी इस दौरान लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 156.10 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 250.39 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी की ईबीआईटीडीए उछल कर 301.44 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक