हाईटेक इंजीनियर्स की स्टॉक मार्केट में जोरदार शुरुआत, प्रीमियम लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट
नई दिल्ली, 01 सितंबर (हि.स.)। हाइड्रोलिक फिटिंग्स और प्रिसीजन इंजीनियरिंग के काम से जुड़ी हाईटेक इंजीनियर्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 53 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 35.85 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 72 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 41.51 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 75 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली के चक्कर में हुई बिकवाली के कारण कंपनी के शेयर कुछ देर में ही गिर कर 68.56 रुपये के स्तर तक पहुंच गए। इस गिरावट के बाद खरीदारों ने एक्टिव होकर लिवाली शुरू कर दी, जिससे कुछ देर बाद ही कंपनी के शेयर बीएसई पर 75.59 रुपये और एनएसई पर 78.75 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 25.75 रुपये यानी 48.58 प्रतिशत तक का फायदा हो गया।
हाईटेक इंजीनियर्स का 135.73 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 से 27 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से धमाकेदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 247.39 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 249.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 412.96 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 175.10 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत पांच रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,56,10,204 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 60 करोड़ रुपये के 1,13,20,754 नए शेयर जारी हुए हैं, जबकि लगभग 76 करोड़ रुपये के 1,42,89,450 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मशीनरी और इक्विपमेंट्स की खरीदारी करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
हाईटेक इंजीनियर्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 11.60 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 19.62 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 22.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 141.17 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 166.71 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 193.44 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 40.84 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 43.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 29.76 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इसी तरह कंपनी का रिजर्व और सरप्लस में भी इस अवधि में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 81.84 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में फिसल कर 59.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 80.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 82.22 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 101.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 122.02 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 22.55 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 35.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 41.69 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक