धनतेरस के मौके पर एचजीएस इंडिया के आईपीओ निवेशकों पर बरसा धन, प्रीमियम लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट

 


नई दिल्ली, 06 नवंबर (हि.स.)। सिस्मिक डेटा कलेक्शन और जियोफिजिकल इक्विपमेंट सेक्टर की कंपनी एचजीएस (इंडिया) लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट प्रीमियम एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को धनतेरस का तोहफा दे दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 120 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 33.33 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 160 रुपये के स्तर पर हुई।

मजबूत लिस्टिंग के बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस शेयर की चाल में तेजी आ गई। लगातार हो रही खरीदीरी के सपोर्ट से ये शेयर कुछ ही देर में उछल कर 168 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 48 रुपये यानी 40 प्रतिशत का फायदा हो गया। कंपनी ने आईपीओ के तहत लॉट साइज 1,200 शेयर का तय किया गया था। इस तरह आईपीओ निवेशकों को हर लॉट पर 57,600 रुपये तक का फायदा हो गया।

कंपनी का 34.56 करोड़ रुपये का आईपीओ 30 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 248.58 गुना सब्सक्राइब हो गया था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 137.92 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 424.67 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 235.72 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 28.80 लाख शेयर जारी किए गए हैं। इसमें 27.91 करोड़ रुपये मूल्य के 23.26 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि प्रमोटर और अन्य शेयर होल्डर्स द्वारा 6.65 करोड़ रुपये मूल्य के 5.54 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए की गई है। इस आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाई गई रकम में से 15.05 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी के मानेसर (गुरुग्राम) स्थित मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए प्लांट और मशीनरी के रिप्लेसमेंट से जुड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर की फंडिंग में किया जाएगा।

इसी तरह 1.05 करोड़ रुपये का उपयोग इन-हाउस गोल्ड प्लेटिंग सुविधा स्थापित करने के लिए बैकवर्ड इंटीग्रेशन से जुड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए किया जाएगा। इसके अलावा 3.26 करोड़ रुपये का निवेश मानेसर संयंत्र में तीसरी मंजिल पर भवन के ढांचागत विकास के लिए होगा। इसके बाद बची शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और अधिग्रहणों के लिए किया जाएगा।

एचजीएस (इंडिया) लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में मिश्रित सुधार देखा गया है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 4 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में तेजी से बढ़ कर 10.51 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 11 प्रतिशत की और बढ़त के साथ 11.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती दौर यानी 30 अप्रैल तक कंपनी को 1.11 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 37.93 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 53.45 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, अगले वित्त वर्ष 2025-26 में इसमें करीब 8 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई और यह 48.91 करोड़ रुपये के स्तर पर दर्ज किया गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के पहले महीने के अंत यानी 30 अप्रैल तक कंपनी को 3.79 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में इस दौरान उतार-चढ़ाव बना रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 113.70 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घटकर 104.04 करोड़ रुपये रह गई, लेकिन वित्त वर्ष 2025-26 में दोबारा बढ़त के साथ यह 110.12 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 अप्रैल तक कंपनी की कुल संपत्ति 111.90 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो कंपनी में इस मोर्चे पर भी उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 95.47 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में घट कर 87.97 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में यह मजबूत होकर 90.66 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 अप्रैल तक यह और बढ़ कर 91.80 करोड़ रुपये हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी इसी तरह का ट्रेंड दिखा। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 95.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घटकर 85.16 करोड़ रुपये रह गया था, लेकिन वित्त वर्ष 2025-26 में यह दोबारा बढ़ कर 89.27 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 अप्रैल तक कंपनी का नेटवर्थ 90.41 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2023-24 में 6.16 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 15.31 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़त के साथ 16.89 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 30 अप्रैल तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 1.58 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।

यह कंपनी 'एचजी' ब्रांड के तहत जियोफोन्स, जियोफोन स्ट्रिंग्स, सिस्मिक केबल्स, कनेक्टर्स और एक्सेसरीज का उत्पादन करती है। इसके उत्पादों का उपयोग मुख्य रूप से ऑयल एंड गैस एक्सप्लोरेशन, डिफेंस रिसर्च, भूकंप निगरानी और अन्य जियो-साइंस एप्लीकेशंस में होता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक