(अपडेट) स्टॉक मार्केट में कमजोर एंट्री के बाद हीरो मोटर्स के शेयर में आई तेजी, लिवाली के सपोर्ट से लगा अपर सर्किट
नई दिल्ली, 23 सितंबर (हि.स.)। हीरो ग्रुप की हीरो मोटर्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में कमजोर शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। हालांकि बाद में खरीदारी के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर बाद ही शानदार रिकवरी करने में सफल रहे। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 84 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 2.26 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 82.10 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 2.38 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 82 रुपये के स्तर पर हुई।
कमजोर लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बनने पर यह शेयर लुढ़क कर 80.50 रुपये के स्तर तक गिर गया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस शेयर की चाल में तेजी आ गई। लगातार हो रही खरीदारी के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 98.51 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गया और उसी स्तर पर बंद हुआ। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 14.51 रुपये यानी 17.27 प्रतिशत का फायदा हो गया।
इस कंपनी का 1,000 करोड़ रुपये का आईपीओ 16 से 18 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 7.01 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 7.32 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 10.47 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 8.62 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 11,90,47,618 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 600 करोड़ रुपये के 7,14,28,571 नए शेयर जारी हुए हैं, जबकि लगभग 400 करोड़ रुपये के 4,76,19,047 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी इक्विपमेंट्स की खरीदारी करने, अधिग्रहण करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
हीरो मोटर्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 17.04 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 32.80 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 41.17 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,083.42 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,111.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 1,216.74 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 304 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 407.62 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ थोड़ा कम होकर 400.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 385.44 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 423.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 482.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 32.26 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस दोगुने से अधिक की उछाल के साथ 67.71 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस शानदार बढ़त के साथ 116.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 86.28 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 114 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 147.78 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक