स्टॉक मार्केट में ईएनएस इंटरप्राइजेज की मामूली बढ़त के साथ एंट्री, फायदे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 21 अगस्त (हि.स.)। डिजिटल कॉमर्स इनेबलमेंट, एआई सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और आईटी कंसल्टिंग सर्विस देने वाली कंपनी ईएनएस इंटरप्राइजेज लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने मामूली बढ़त के साथ एंट्री की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 92 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 4.35 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 96 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बनने पर ये शेयर मामूली फिसलन के साथ 95.90 रुपये के स्तर पर आए। इसके बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बना कर इसे 99 रुपये के स्तर तक पहुंचा दिया। हालांकि इस उछाल के बाद एक बार फिर इस शेयर के भाव में गिरावट आई। दोपहर 11:45 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 96.01 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 4.01 रुपये यानी 4.36 प्रतिशत का फायदा हो गया है।
ईएनएस इंटरप्राइजेज लिमिटेड का 33.14 करोड़ रुपये का आईपीओ 14 से 18 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 13.11 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 9.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 22.89 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 11.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 36,02,400 शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी मौजूदा उत्पादों की अपग्रेडिंग करने के लिए मैनपावर हायरिंग करने, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
ईएनएस इंटरप्राइजेज लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 90 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3.70 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 8.40 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 10.12 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 28.62 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 51.77 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले तक इस कंपनी पर कोई कर्ज नहीं था, लेकिन 2025-26 के अंत तक कंपनी पर 3.97 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1.90 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 10.04 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 18.44 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1.87 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 7.33 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 8.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 1.38 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 5.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 11.71 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक