स्टॉक मार्केट में दीक्षा पॉलिमर्स की प्रीमियम एंट्री, मुनाफे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 24 जून (हि.स.)। पेट बॉटल और कंटेनर का उत्पादन करने वाली कंपनी दीक्षा पॉलिमर्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने मामूली बढ़त के साथ एंट्री की। हालांकि लिस्टिंग के बाद हुई खरीदारी से कंपनी के आईपीओ निवेशक खुश हो गए। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 112 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 2.23 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 114.50 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयरों के भाव में तेजी का रुख बन गया। दोपहर 1:45 बजे तक कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 120.20 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 8.20 रुपये यानी 7.32 प्रतिशत के फायदे में रहे।
दीक्षा पॉलिमर्स लिमिटेड का 17.90 करोड़ रुपये का आईपीओ 17 से 19 जून के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.88 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.63 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 3.14 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 15,98,400 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
दीक्षा पॉलिमर्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.01 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्थ लाभ उछल कर 4.12 करोड़ रुपये हो गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 19.72 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 42.73 करोड़ और वित्त वर्ष 2025-26 में उछर कर 51.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी के कर्ज में लगातार वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 4.47 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 12.91 करोड़ रुपये और 2025-26 में 15.10 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1.37 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर चार करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 4.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 1.80 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 4.71 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 7.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक