सीएसएम टेक्नोलॉजीज के शेयरों ने निवेशकों को दिया झटका, फ्लैट लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट
नई दिल्ली, 02 जुलाई (हि.स.)। आईटी सॉल्यूशन प्रोवाइडर सीएसएम टेक्नोलॉजीज के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 113 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी उतार चढ़ाव के 113 रुपये के स्तर पर ही हुई। लिस्टिंग होने के कुछ देर बाद ही बिकवाली के दबाव की वजह से ये शेयर गिर कर 107.35 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक गिर गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 5.65 रुपये यानी पांच प्रतिशत का नुकसान हो गया।
सीएसएम टेक्नोलॉजीज का 145.78 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 से 29 जून के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.37 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.54 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.63 गुना सब्सक्राइब हो सका था। जबकि एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.82 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 1,29,01,000 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
सीएसएम टेक्नोलॉजीज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 15.82 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 12.55 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 14.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 14.70 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 161.50 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 198.65 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 200.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 167.05 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 45.69 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 55.88 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 73.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 56.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 50.31 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 59.75 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 76.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 88.88 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 27.87 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 23.71 करोड़ रुपये और 2024-25 में 29.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 30.07 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक