कार्वर रोबोवेल्ड की स्टॉक मार्केट में शानदार शुरुआत, प्रीमियम लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट
नई दिल्ली, 04 नवंबर (हि.स.)। इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स सेक्टर की कंपनी कार्वर रोबोवेल्ड लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 80 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 12.50 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 90 रुपये के स्तर पर हुई।
मजबूत लिस्टिंग के बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस शेयर की स्थिति में और तेजी आ गई। लगातार हो रही खरीदीरी के सपोर्ट से कुछ देर में ही ये शेयर उछल कर 94.50 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 14.50 रुपये यानी 18.13 प्रतिशत का फायदा हो गया। इस आईपीओ के लिए 1,600 शेयर का लॉट साइज तय किया गया था। इस तरह कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति लॉट 23,200 रुपये तक का फायदा हो गया।
इस कंपनी का 28.29 करोड़ रुपये का आईपीओ 28 से 30 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से बढ़िया रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 18.40 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 26.32 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 40.40 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 19.01 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 35,36,000 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए फंड में से 11.99 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी वेल्डिंग रोबोट की खरीद के लिए अपनी कैपिटल एक्सपेंडिचर से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इसके अलावा 8.60 करोड़ रुपये का उपयोग बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कंपनी द्वारा लिए गए कर्जों की किस्तों के रीपेमेंट और प्रीपेमेंट के लिए किया जाएगा। इसके बाद बची हुई शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।
कार्वर रोबोवेल्ड लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.01 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1.45 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 140 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 3.48 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 1.49 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 21.67 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 24.97 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 9 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 27.12 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 7.71 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में अब कमी देखने को मिल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 13.39 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 22.32 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में यह घटकर 15.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 12.27 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।
कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 21.59 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 32.69 करोड़ रुपये हो गई और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़त के साथ 38.26 करोड़ रुपये हो गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 39.45 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 2.16 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में बढ़कर 3.61 करोड़ रुपये और अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़कर 8.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़कर 9.62 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेट वर्थ 3.11 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 4.56 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 16.13 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का नेटवर्थ 17.62 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2023-24 में 4.12 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 4.92 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़ कर 8.36 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 2.84 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक