(अपडेट) स्टॉक मार्केट में बायो मेडिका की जोरदार गिरावट के साथ एंट्री, भारी नुकसान में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 29 मई (हि.स.)। फार्मास्यूटिकल सेक्टर की कंपनी बायो मेडिका लेबोरेट्रीज ने आज स्टॉक मार्केट में जबरदस्त गिरावट के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 139 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 20 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 111.20 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण कंपनी के शेयर थोड़ी देर में ही गिर कर 105.65 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर आ गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 33.35 रुपये यानी 23.99 प्रतिशत का बड़ा नुकसान हो गया।
बायो मेडिका लेबोरेट्रीज का 52.43 करोड़ रुपये का आईपीओ 21 से 25 मई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 15.94 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.30 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.92 गुना सब्सक्राइब हो सका था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 37.32 लाख शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 45 करोड़ रुपये के 32.06 लाख नए शेयर और लगभग पांच करोड़ रुपये के 3.77 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। इसके अलावा मार्केट मेकर को तीन करोड़ रुपये 1.89 लाख नए शेयर दिए गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूत रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 33 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.50 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 9.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 30 नवंबर 2025 तक कंपनी को 8.66 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 16.25 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 15.34 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 38.33 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 30 नवंबर 2025 तक कंपनी को 28.63 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज में लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 9.61 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 10.49 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 15.01 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 30 नवंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 38.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 2.34 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.84 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 5.55 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 30 नवंबर 2025 तक ये 7.94 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में 5.63 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 15.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 30 नवंबर 2025 तक ये 13.45 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक