अनुभव प्लास्ट के शेयरों ने निवेशकों को दिया झटका, फ्लैट लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट

 


नई दिल्ली, 29 जून (हि.स.)। ईआरडब्ल्यू स्टील पाइप और ट्यूब का उत्पादन करने वाली कंपनी अनुभव प्लास्ट के शेयरों ने सोमवार को स्टॉक मार्केट ने फ्लैट एंट्री करने के बाद कमजोर प्रदर्शन कर अपने आईपीओ निवेशकों को करारा झटका दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 80 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी उतार चढ़ाव के 80 रुपये के भाव पर ही हुई। लिस्टिंग के बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण ये शेयर थोड़ी देर में ही 76 रुपये लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर चार रुपये यानी पांच प्रतिशत का नुकसान हो गया।

अनुभव प्लास्ट लिमिटेड का 24 करोड़ रुपये का आईपीओ 19 से 23 जून के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.18 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.23 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.49 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.60 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 30 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी सेटअप करने, सोलर पैनल स्ट्रक्चर्स बनाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 74 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.08 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर छह करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 5.30 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 87.21 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 87.41 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में 98.31 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 80.60 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था। इस अवधि में कंपनी के कर्ज में लगातार वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 27.80 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 28.99 करोड़ रुपये और 2024-25 में 32.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 34.81 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 3.47 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 5.55 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 7.55 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 12.85 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 4.26 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.64 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 12.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 10.29 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक