स्टॉक मार्केट में अद्वित ज्वेल्स की जोरदार एंट्री, लोअर सर्किट के बावजूद जबरदस्त फायदे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 01 जुलाई (हि.स.)। हैंडमेड गहने बनाने वाली कंपनी अद्वित ज्वेल्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जबरदस्त उछाल के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 138 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई में इसकी लिस्टिंग 35.51 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 187 रुपये के स्तर पर और एनएसई में 36.88 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 188.90 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से थोड़ी देर में ही ये शेयर उछल कर 192 रुपये के स्तर तक पहुंचा। हालांकि थोड़ी देर बाद ही मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण कंपनी के शेयर 179.46 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। लोअर सर्किट लगने के बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 41.46 रुपये यानी 30.04 प्रतिशत के फायदे में थे।
अद्वित ज्वेल्स का 165.16 करोड़ रुपये का आईपीओ 26 से 25 जून के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 212.63 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन में 174.98 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 536.38 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 95.30 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,19,68,000 शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
अद्वित ज्वेल्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 10.39 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 14.71 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 25.37 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 25.44 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 46.60 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 69.45 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 124.94 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 123.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 5.84 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 19.70 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 74.80 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 64.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 18.08 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 32.80 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 58.13 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 83.65 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी इस अवधि में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 18.07 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 32.79 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 58.12 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 51.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 12.77 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 18.95 करोड़ रुपये और 2024-25 में 37.15 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 36.68 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक