स्टॉक मार्केट में आदिसॉफ्ट टेक की जोरदार एंट्री, प्रीमियम लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट
नई दिल्ली, 30 अप्रैल (हि.स.)। इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन सॉल्यूशन प्रोवाइडर आदिसॉफ्ट टेक के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जोरदार एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 172 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 19.19 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 205 रुपये के स्तर पर ही। लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 215.25 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 43.25 रुपये प्रति शेयर यानी 25.15 प्रतिशत का फायदा हो गया।
आदिसॉफ्ट टेक का 74.10 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 27 अप्रैल के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 77.45 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 98.23 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 120.16 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 47.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 43.08 लाख नए शेयर जारी किए गए थे। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई फैक्ट्री यूनिट लगाने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
आदिसॉफ्ट टेक की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 6.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 11.76 करोड़ रुपये हो गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी शुद्ध लाभ उछल कर 16.11 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी को 3.74 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 76.15 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 104.14 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 133.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी को 55.71 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज में लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 10.08 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 18.13 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 28.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 19.68 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 21.37 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 33.13 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 49.24 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक ये 41.02 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 8.32 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 16.06 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 21.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक ये 5.91 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक