सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ श्रीराम ट्विस्टेक्स का आईपीओ, दो मार्च को हो सकती है लिस्टिंग

 


नई दिल्ली, 23 फरवरी (हि.स.)। कॉटन यार्न का उत्पादन करने वाली कंपनी श्रीराम ट्विस्टेक्स लिमिटेड का 110.24 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 25 फरवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 26 फरवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 27 फरवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 02 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। दोपहर 12 बजे तक कंपनी के इस आईपीओ को 0.04 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 95 रुपये से लेकर 104 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 144 शेयर का है। श्रीराम ट्विस्टेक्स लिमिटेड के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को न्यूनतम एक लॉट यानी 144 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 14,976 रुपये का निवेश करना होगा। रिटेल इनवेस्टर्स इस आईपीओ में अधिकतम 13 लॉट यानी 1,872 शेयर के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 1,94,688 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1.06 करोड़ नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 75 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए इंटरएक्टिव फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 2.05 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 6.55 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर आठ करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को सात करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 213.58 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 231.72 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 256.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 132.27 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 55.70 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 67.04 करोड़ रुपये और 2024-25 में मामूली गिरावट के साथ 62.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर 60.70 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 49.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में घट कर 37.42 करोड़ रुपये हो गया। वहीं 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 44.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 51.33 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 17.40 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 20.19 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 21.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 17.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक