जीआरई रीन्यू इनरटेक का आईपीओ लॉन्च, 21 जनवरी को होगी लिस्टिंग

 


नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। सोलर एनर्जी सेक्टर में काम करने वाली कंपनी जीआरई रीन्यू इनरटेक का 39.56 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 16 जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 19 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 20 जनवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 21 जनवरी को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 100 रुपये से लेकर 105 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। जीआरई रीन्यू इनरटेक के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 2,52,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 37.68 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

आईपीओ खुलने से एक कारोबारी दिन पहले 12 जनवरी को जीआरई रीन्यू इनरटेक ने 9 एंकर इनवेस्टर्स से 11.15 करोड़ रुपये जुटाए। इन एंकर इनवेस्टर्स में स्ट्रेटजिक सिक्स्थ सेंस कैपिटल फंड सबसे बड़ा इनवेस्टर रहा। इसने कंपनी से 176.40 लाख रुपये में 1.68 लाख शेयर खरीदे हैं। इसी तरह विनय ग्रोथ फंड 171.36 लाख रुपये में कंपनी से 1,63,200 शेयर खरीद कर दूसरा सबसे बड़ा एंकर इनवेस्टर बना है। इसके अलावा मैक ग्रोथ स्कीम, राजस्थान ग्लोबल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, नॉर्थ स्टार अपॉर्च्युनिटीज फंड, एसएमसी इंडिया अपॉर्च्युनिटीज फंड, ग्रोबिज एसएमई अपॉर्च्युनिटीज फंड, पीईएसबी अल्फा फंड और सीसीवी इमर्जिंग अपॉर्च्युनिटीज फंड जैसे प्रमुख नाम भी एंकर बुक में शामिल हुए हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.13 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.44 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.33 प्रतिशत हिस्सा और मार्केट मेकर्स के लिए 5.10 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि मांशीतला सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। इस इश्यू के लिए शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ही कंपनी का मार्केट मेकर भी है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 89 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 9.91 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ घट कर 7.03 करोड़ रुपये रह गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को चार करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 53.11 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 92.15 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 84.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को 43.98 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार कमी आई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 4.75 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 4.57 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में फिसल कर 1.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत यानी 30 सितंबर तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 1.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 9.89 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 19.78 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 20.71 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 तक ये 24.70 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.31 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 11.48 करोड़ रुपये हो गया। साल 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए घट कर 9.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत यानी सितंबर 2025 तक ये 5.72 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक