सर्वा फोम इंडस्ट्रीज स्कॉटलैंड में 6 मिलियन पाउंड का शुरुआती निवेश करेगी

 


नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (हि.स.)। देश की सबसे बड़ी रीबॉन्डेड पॉलीयुरेथेन (पीयू) फोम निर्माता और निर्यातक कंपनी 'सर्वा फोम इंडस्ट्रीज लिमिटेड' ने स्कॉटलैंड में एक नई विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए छह मिलियन पाउंड के शुरुआती निवेश करने की घोषणा की है। यह स्कॉटलैंड में कंपनी के प्रस्तावित विस्तार का पहला चरण है।

स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी ने गुरुवार को 'सर्वा फोम' के कार्यालय के दौरे के दौरान इस घोषणा का स्वागत किया। यह प्रस्तावित निवेश यूरोप में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग उपस्थिति और सप्लाई चेन को बढ़ाने पर भी केंद्रित है। इससे भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, सप्लाई चेन की बाधाओं और परिवहन की अधिक लागत जैसे जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे भारत के बाहर के बाजारों में परिचालन दक्षता बढ़ेगी, लागत का बेहतर प्रबंधन होगा और भारत तथा स्कॉटलैंड के बीच आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।

सर्वा फोम इंडस्ट्रीज के सीएमडी कुणाल गियानी ने कहा कि हम स्कॉटलैंड में फोम-रीसाइक्लिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की योजना बना रहे हैं, जिसमें लगभग 6 मिलियन पाउंड का शुरुआती निवेश होगा। उन्होंने कहा कि अपनी विनिर्माण विशेषज्ञता का इस्तेमाल करते हुए बेकार फोम को कारपेट अंडरले और फ्लोरिंग उत्पादों में हम बदलेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि इससे कचरा लैंडफिल में जाने से बचेगा और स्कॉटलैंड की सर्कुलर इकोनॉमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) तथा 'नेट ज़ीरो' लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। गियानी ने कहा कि अगर पहला चरण सफल रहता है और व्यापक कमर्शियल तथा फंडिंग व्यवस्था पक्की हो जाती है, तो तीन वर्षों में कुल निवेश 12 मिलियन पाउंड तक पहुंच सकता है। इससे स्कॉटलैंड में सौ तक नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं, जिनमें कुशल मैन्युफैक्चरिंग पद शामिल होंगे।

स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर मिस्टर जॉन स्विनी ने कहा कि सर्वा फोम का यह नियोजित निवेश एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे भारतीय पूंजी स्कॉटलैंड में विकास को बढ़ावा देने, समृद्धि लाने और नौकरियां पैदा करने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से सस्टेनेबिलिटी और रिसोर्स रिकवरी को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही स्कॉटलैंड और भारत के बीच व्यापारिक संबंध भी मजबूत होंगे।

उन्होंने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल और इस्तेमाल की गई सामग्रियों के उपयोग पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह नई सुविधा 'नेट ज़ीरो' की ओर बढ़ते हुए हरित और टिकाऊ नौकरियों को बढ़ावा देने के हमारे लक्ष्यों में भी योगदान देगी। स्विनी ने कहा कि भारत के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करना, स्कॉटलैंड के कई व्यवसायों और वहां की अर्थव्यवस्था के लिए एक सुनहरा अवसर है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर