देश का औद्योगिक उत्पादन जुलाई महीने में 6.7 फीसदी बढ़ा
नई दिल्ली, 28 अगस्त (हि.स.)। अर्थव्यवस्था के र्मोचे पर झटका लगने वाली खबर है। देश का औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर जुलाई में घटकर 6.7 फीसदी रही है। मुख्य रूप से खनन क्षेत्र में गिरावट के कारण औद्योगिक उत्पादन दर में कमी आई है। इससे पिछले महीने जून में यह 8.8 फीसदी रही थी। ये नई शृंखला के तहत जारी चौथा मासिक औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का आंकड़ा है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, ”जुलाई में औद्योगिकी उत्पादन सूचकांक ने सालाना आधार पर 6.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। इसमें विनिर्माण क्षेत्र की 7.3 फीसदी वृद्धि और बिजली तथा गैस आपूर्ति क्षेत्र की 8.7 फीसदी वृद्धि का योगदान रहा।” आंकड़ों के मुताबिक खनन और उत्खनन क्षेत्र में जुलाई में 0.9 फीसदी की गिरावट आई, जबकि एक साल पहले इसमें 10.7 फीसदी की वृद्धि हुई थी। आईआईपी वृद्धि दर जुलाई 2025 में 5.4 फीसदी थी।
एनएसओ के मुताबिक जुलाई 2026 के लिए औद्योगिक वृद्धि दर सालाना आधार पर 8.8 फीसदी के मुकाबले 6.7 फीसदी रही। जून के लिए आईआईपी का संशोधित अनुमान 8.8 फीसदी है। यह पहले जारी 7.3 फीसदी के अस्थायी अनुमान से अधिक है। जुलाई 2026 के लिए खनन और उत्खनन क्षेत्र की वृद्धि में 0.9 फीसदी की गिरावट आई। विनिर्माण, बिजली एवं गैस आपूर्ति तथा जल आपूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्रों की वृद्धि दर क्रमशः 7.3 फीसदी, 8.7 फीसदी और 7.4 फीसदी रही
मंत्रालय के जारी आंकड़ों के मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र के 23 उद्योग समूहों में 19 ने जुलाई 2026 में सकारात्मक सालाना वृद्धि दर्ज की है। जुलाई के लिए शीर्ष तीन सकारात्मक योगदानकर्ता में मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर का विनिर्माण (22.2 फीसदी), विद्युत उपकरणों का विनिर्माण (28.3 फीसदी) और मशीनरी एवं उपकरणों का विनिर्माण (12.1 फीसदी) रहे। उपयोग आधारित वर्गीकरण के अनुसार आलोच्य महीने में सालाना आधार पर प्राथमिक वस्तुओं में वृद्धि 4.1 फीसदी, पूंजीगत वस्तुओं में 16.1 फीसदी, मध्यवर्ती वस्तुओं में 10.0 फीसदी, बुनियादी ढांचा/निर्माण वस्तुओं में 6.9 फीसदी और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 10.5 फीसदी रही। गैर-टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं में 1.0 फीसदी की गिरावट आई है।
उल्लेखनीय है कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का त्वरित अनुमान हर महीने की 28 तारीख (या यदि 28 तारीख को छुट्टी हो तो अगले कार्यदिवस को) को जारी किया जाता है। यह सूचकांक स्रोत एजेंसियों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर संकलित किया जाता है, जो बदले में उत्पादक कारखानों/प्रतिष्ठानों से आंकड़े प्राप्त करती हैं। आईआईपी की संशोधन नीति के अनुसार, इन त्वरित अनुमानों को बाद के प्रकाशनों में संशोधित किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर