इंडस टावर्स के सीएसआर ने 3.38 करोड़ लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला
नई दिल्ली, 21 सितंबर (हि.स.)। इंडस टावर्स लिमिटेड अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) प्रोग्राम, सक्षम और प्रगति के जरिए इसी दृष्टिकोण में योगदान दे रहा है। वित्त वर्ष 26 के दौरान कंपनी ने 33.88 मिलियन लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है और देशभर में कुल 90 मिलियन लोगों तक पहुंच बनाई है।
कंपनी के सीएसआर प्रयासों पर इंडस टावर्स लिमिटेड के एमडी और सीईओ प्रचुर साह ने सोमवार को कहा कि भारत की विकास यात्रा असल में तभी बदलावकारी हो सकती है, जब समावेशी एवं प्रतिभागी विकास को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि इंडस टावर्स में स्थायी प्रगति एक समान क्षमता से होती है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हर व्यक्ति को अपनी क्षमता को पहचानने के लिए ज़रूरी अवसर, संसाधन और सहयोग मिले। साह ने कहा कि अपने सीएसआर प्रोग्राम के माध्यम से हम समुदाय को ज्ञान, कौशल और अवसरों के साथ सशक्त बनाना चाहते हैं। सीईओ प्रचुर साह ने कहा कि हम उन्हें भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक प्रगति में अर्थपूर्ण योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
सीईओ ने कहा कि आने वाले समय में हम अपनी पहुंच बढ़ाने और अधिक समावेशी, सशक्त और भविष्य के लिए तैयार भारत की दिशा में अपने योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ये राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं और सरकार की बड़ी पहलों के साथ जुड़े हैं, जिनमें डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020, पीएम ई-विद्या के साथ एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में कंपनी ने देश के पिछड़े इलाकों में विकास की ज़रूरी चुनौतियों को दूर करने के लिए कई तरह प्रयास किए गए हैं। 2030 तक 150 मिलियन लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने के उद्देश्य से इंडस टावर्स बड़े पैमाने के प्रभावी हस्तक्षेपों के ज़रिए पिछड़े समुदायों के साथ अपने जुड़ाव को मज़बूत बनाना जारी रखेगी और सस्टेनेबल परिणामों को सुनिश्चित करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि देश भर में अपनी मौजूदगी, टेक्नोलॉजी पर आधारित दृष्टिकोण नज़रिए और स्थानीय वास्तविकताओं की गहरी समझ का लाभ उठाते हुए इंडस टावर्स का उद्देश्य डिजिटल समावेशन, मानव पूंजी के विकास, पर्यावरण स्थायित्व, महिला सशक्तीकरण और एक समान आर्थिक विकास जैसी भारत की प्राथमिकताओं में सार्थक योगदान देना जारी रखना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर