इंडिगो एयरलाइन को पहली तिमाही में 238 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा

 


नई दिल्ली, 23 जुलाई (हि.स.)। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की (अप्रैल-जून) पहली तिमाही के नतीजे का ऐलान कर दिया है। कंपनी को अप्रैल-जून तिमाही में 238 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ है। कंपनी को पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 2,176.3 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ हुआ था।

कंपनी के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 25,614.1 करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 21,542.6 करोड़ रुपये थी। इस दौरान कंपनी के कुल खर्च में भी वृद्धि हुई है। इंडिगो ने कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि, विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में प्रतिकूल उतार-चढ़ाव तथा पश्चिम एशिया में संकट का तिमाही की लाभप्रदता पर संयुक्त असर पड़ा, जिससे कंपनी को 2.4 अरब रुपये (238 करोड़ रुपये) का शुद्ध घाटा हुआ है।

कंपनी के मुताबिक ईंधन की ऊंची कीमतों, विदेशी मुद्रा विनिमय में नुकसान और पश्चिम एशिया में जारी संकट का भी लाभ पर प्रतिकूल असर पड़ा है। इंटरग्लोब एविएशन इंडिगो की मूल कंपनी है। घरेलू विमानन बाजार में इंडिगो की हिस्सेदारी 66 फीसदी से अधिक है।

इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में परिचालन माहौल चुनौतीपूर्ण रहा। ईंधन की ऊंची लागत और पश्चिम एशिया में नेटवर्क संबंधी बाधाओं का कंपनी की लाभप्रदता पर असर पड़ा। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद मांग मजबूत बनी रही और बेहतर प्रतिफल तथा ग्राहकों की लगातार बढ़ती पसंद के कारण हमारी आय में सालाना आधार पर वृद्धि हुई। इस दौरान हमने 3.1 करोड़ से अधिक यात्रियों को सेवाएं प्रदान कीं।

भाटिया ने बताया कि ईंधन लागत में वृद्धि और रुपये में गिरावट के कारण पहली तिमाही में कंपनी को लगभग 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि निकट अवधि में अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, लेकिन हम नेटवर्क को मजबूत करने, ग्राहकों के लिए विकल्प बढ़ाने और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने की अपनी रणनीति पर कायम हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर