भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, जल्द ही वैश्विक विकास में इसका छठा हिस्सा होगा: सीतारमण

 






मदुरै, 18 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, जल्द ही वैश्विक विकास में इसकी हिस्सेदारी एक-छठे हिस्से से ज्यादा होगी। उन्होंने युवाओं और उद्यमियों से जोखिम उठाने और इस योगदान को वैश्विक विस्तार के एक-चौथाई तक ले जाने का आह्वान किया।

सीतारमण ने तिमलनाडु के मदुरै में आयोजित यंग इंडियंस फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस (वाईआईएफआई) समिट 2026 के विशेष पूर्ण अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही। सीतारमण ने कहा, भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास में हमारा योगदान लगभग 1/6वां हिस्सा होगा।

सीतारमण ने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा है। उन्होंने उद्यमियों से जोखिम उठाने और मौकों का फ़ायदा उठाने का आग्रह किया। वित्त मंत्री ने कहा, दुनिया में सबसे युवा वर्कफोर्स हमारे पास है। इनमें उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) से मान्यता प्राप्त 2.4 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स ने मिलकर 23 लाख से ज़्यादा डायरेक्ट नौकरियां पैदा की है।

उन्होंने कहा, “हमारे पास 2,100 से ज्यादा वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) हैं, जो मेट्रो शहरों से आगे बढ़ चुके हैं। निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक इंटरनेशनल बेंचमार्क बन गया है। यूपीआई हर महीने 20 अरब से ज्यदा लेन-देन की प्रक्रिया कर रहा है। साथ ही महत्वाकांक्षी और उद्यमी भारतीयों के लिए नए मौके बन रहे हैं, जो रुकावटें कभी टैलेंट और मौकों के बीच थीं, वे धीरे-धीरे कम हो रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर