भारत व श्रीलंका ने विद्युत क्षेत्र में सहयोग को मजबूत बनाने पर बातचीत
नई दिल्ली, 07 अगस्त (हि.स.)। भारत और श्रीलंका ने शुक्रवार को यहां एक बैठक के दौरान विद्युत क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने किया, जबकि श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्रीलंका के बंदरगाह और नागरिक उड्डयन मंत्री तथा ऊर्जा मंत्री अनुरा करुणातिलके ने किया।
विद्युत मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मंत्रियों ने प्रस्तावित भारत-श्रीलंका एचवीडीसी इंटरकनेक्शन और संपूर सोलर पावर प्रोजेक्ट सहित चल रही द्विपक्षीय पहलों की प्रगति की समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव का समर्थन करने के उद्देश्य से सीमा के पार विद्युत व्यापार, नवीकरणीय ऊर्जा, ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता विकास में सहयोग को गहरा करने के अवसरों पर भी चर्चा की।
मंत्रालय ने बताया कि भारतीय पक्ष ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के रूप में टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) ढांचे के जरिए ट्रांसमिशन सिस्टम के विकास में अपने अनुभव को भी साझा किया। इसके अलावा दोनों पक्षों ने मौजूदा द्विपक्षीय तंत्रों के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की और सतत विकास तथा क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए विद्युत के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
विद्युत मंत्रालय के मुताबिक मनोहर लाल ने लंबे समय से चली आ रही भारत-श्रीलंका ऊर्जा साझेदारी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया है। वहीं, अनुरा करुणातिलके ने भारत के निरंतर समर्थन की सराहना की और द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग को और अधिक विस्तार देने की श्रीलंका की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मंंत्रालय ने कहा कि इस बैठक में विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल में भारत में श्रीलंका की उच्चायुक्त महिशिनी कोलोन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर