अमेरिका के धारा 301 उपायों के तहत भारत पर लगा कम शुल्क, 45 फीसदी निर्यात दायरे से बाहरः वाणिज्य मंत्रालय

 


नई दिल्ली, 25 जुलाई (हि.स.)। सरकार ने कहा है कि अमेरिका ने कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़ी धारा 301 के तहत उठाए गए कदमों के अंतर्गत भारत को 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क की निचली श्रणी में रखा है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में बताया कि धारा 301 के तहत अमेरिका द्वारा लगाए गए 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क के दायरे से भारत के करीब 45 फीसदी निर्यात अब भी बाहर हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के कार्यालय ने 23 जुलाई को अमेरिकी व्यापार अधिनियम, 1974 की धारा 301 के तहत संबंधित देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की थी।

मंत्रालय ने कहा कि यूएसटीआर ने भारत से आयात पर अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क लगाया है। अमेरिका ने शुरुआत में 12.5 फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था। ये उपाय भारत सहित 60 देशों की अर्थव्यवस्थाओं के कृत्यों, नीतियों और प्रथाओं की जांच के बाद किए गए हैं, जो बंधुआ मजदूरी से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसके अनुपालन से संबंधित हैं।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, “लगातार किए गए इन प्रयासों का नतीजा ये है कि भारत को अंतिम उपायों के तहत अतिरिक्त शुल्क के निचले स्तर में रखा गया है, जिससे प्रमुख क्षेत्रों में भारतीय निर्यात को तुलनात्मक लाभ मिलेगा।”

मंत्रालय ने कहा कि भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात का एक बड़ा हिस्सा, जिस पर वर्तमान में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता, अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क के दायरे से बाहर बना हुआ हैं। इनमें जेनेरिक दवाएं, स्मार्टफोन और कुछ अन्य निर्दिष्ट उत्पाद शामिल हैं।

इसके अलावा यूएसटीआर की धारा 232 उपायों के तहत पहले से शामिल इस्पात, एल्युमिनियम और वाहन कलपुर्जे जैसे उत्पाद इस अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क के अधीन नहीं हैं। अमेरिका व्यापार प्रशासन की धारा 232 में शामिल शुल्क सीमित अपवादों के साथ व्यापक रूप से सभी देशों पर लागू होते हैं।

मंत्रालय ने कहा, “इन छूटों के कारण अनुमानतः भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात का 45 फीसदी हिस्सा अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क के दायरे से बाहर बना हुआ है।”

मंत्रालय के मुताबिक बाकी 55 फीसदी निर्यात पर अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क लगेगा, लेकिन भारत पर शुल्क का प्रभाव जांच में शामिल अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अपेक्षाकृत कम है। अंतिम उपायों में संदर्भित वस्त्र-विशिष्ट व्यवस्था को अभी स्थापित और लागू किया जाना बाकी है और भारत इस विषय पर द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए जारी वार्ताओं के हिस्से के रूप में अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखे हुए है।

मंत्रालय ने कहा, “केंद्र सरकार इस साल दो फरवरी को घोषित और सात फरवरी को जारी संयुक्त बयान के अनुरूप भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को शीघ्र पूरा करने की दिशा में अमेरिका के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

अंतिम उपायों में उल्लिखित वस्त्र संबंधी विशिष्ट तंत्र अभी तक स्थापित और कार्यान्वित नहीं किया गया है। भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए चल रही वार्ताओं के तहत भारत इस मामले पर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर