सीतारमण ने कहा- जीएसटी सुधारों से कारोबार करना होगा आसान, राजस्व में बनी रहेगी निरंतरता
नई दिल्ली, 08 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि अगली पीढ़ी की जीएसटी रूपरेखा के तहत किए गए प्रक्रिया संबंधी सुधार अगले एक साल में व्यवस्थित हो जाएंगे। उन्होंने ये भरोसा जताया कि इन बदलावों से कारोबार करना आसान होगा और केंद्र तथा राज्यों का राजस्व भी बेहतर बना रहेगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में लिए गए कई अहम फैसलों की जानकारी प्रेस वार्ता में दी। सीतारमण ने संवाददाताओं को परिषद के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि पिछले साल की गई जीएसटी की दरों में कटौती से राजस्व का कोई नुकसान नहीं हुआ है। कर संग्रह में लगातार इजाफा भी हो रहा है।
उन्होंने कहा कि कर दरों में कटौती से शुरू हुई अगली पीढ़ी की जीएसटी व्यवस्था अब केंद्र और राज्यों के लिए राजस्व का एक सकारात्मक, पारदर्शी और स्थिर स्रोत बनकर उभरी है। सीतारमण ने कहा, ‘‘उन्हें उम्मीद है कि प्रक्रिया संबंधी सुधारों को भी राज्य और कंपनियां स्वीकार करेंगी, जिससे व्यवस्था को और स्थिर करने में भी मदद मिलेगी।’’ उन्होंने कहा कि प्रक्रिया संबंधी सुधार एक अप्रैल, 2027 से लागू किए जाने हैं। इस नई व्यवस्था को पूरी तरह स्थिर और व्यवस्थित होने में करीब एक साल लगेगा।
सीतारमण ने कहा, ‘‘इसे एक अप्रैल, 2027 से लागू किया जाएगा। प्रक्रिया संबंधी सुधारों की इस व्यवस्था को स्थिर होने में पूरा एक साल लगेगा।’’ उन्होंने आगे बताया कि व्यवस्था के स्थिर होने के बाद अगली पीढ़ी की जीएसटी प्रणाली कारोबार सुगमता बढ़ाएगी, राज्यों और केंद्र के लिए राजस्व सुनिश्चित करेगी। साथ ही कारोबारियों को यह भरोसा देगी कि कर व्यवस्था कारोबार को सुगम बनाने के साथ अधिक निश्चितता भी प्रदान करती है।
सीतारमण ने इसे जीएसटी परिषद की एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस संस्थान के विकास ने सहकारी संघवाद की मजबूती को प्रदर्शित किया है। उन्होंने 2019 से पहले, कोविड-19 महामारी के दौरान और उसके तुरंत बाद जीएसटी परिषद के सामने आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि संस्थान काफी परिपक्व हुआ है। अब केंद्र तथा राज्य राजस्व जैसे कठिन और संवेदनशील मुद्दों पर मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद आज इस बात का उदाहरण है कि केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग से परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे इस पर गर्व है और मैं आभारी हूं कि प्रधानमंत्री ने मुझे ऐसे संस्थान में काम करने का अवसर दिया, जो एक मिसाल बन चुका है।’’ निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद ने मुख्य रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़ी विसंगतियों और उलट शुल्क दर की समस्या का काफी हद तक समाधान कर दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे नहीं लगता कि अब कारोबार सुगमता या विसंगतियों और दरों के लिहाज से बहुत से बुनियादी मुद्दे लंबित हैं। आप कह सकते हैं कि चाहे वे दर से जुड़े हों या प्रक्रिया से अगली पीढ़ी के जीएसटी से जुड़े 99 प्रतिशत मुद्दों का समाधान हो चुका है।’’
उल्लेखनीय है कि जीएसटी की संशोधित दरें 22 सितंबर, 2025 से लागू की गई। इससे टूथपेस्ट और शैम्पू से लेकर कार और टेलीविजन तक 375 वस्तुओं की कीमतों में कमी आई। पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत की कर दरों को मिलाकर दो दरें...पांच और 18 फीसदी तक...की गईं। इससे दैनिक उपयोग की 99 फीसदी वस्तुओं की कीमतें कम हुईं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर