उच्च-प्रौद्योगिकी कंपनियों को बीआईएस प्रमाणन से छूट देने के लिए नया नियम लाएगी सरकार: गोयल
नई दिल्ली, 02 सितंबर (हि.स.)। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि सरकार भारत में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने वाली उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों को उपकरणों और कलपुर्जों के लिए अनिवार्य भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) प्रमाणन से छूट देने के लिए नया नियम लाने जा रही है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) के यहां आयोजित 66वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। गोयल ने कहा कि हाल में जापान की यात्रा के दौरान सेमीकंडक्टर क्षेत्र की कंपनियों ने उनके सामने बीआईएस प्रमाणन हासिल करने में आने वाली दिक्कतों का मुद्दा उठाया था।
उन्होंने वाहन कलपुर्जा विनिर्माताओं के संगठन एसीएमए को संबोधित करते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र की एक कंपनी को एक चिप के विनिर्माण के लिए लगभग 13 ,501 कलपुर्जों की जरूरत होती है। गोयल ने कहा कि जापानी कंपनियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में कलपुर्जों के लिए बीआईएस मंजूरी हासिल करना एक बड़ी चुनौती है।
गोयल ने कहा, ‘‘यदि कोई कंपनी उच्च गुणवत्ता वाला सेमीकंडक्टर बना रही है, तो वह अपने लिए खरीदी जाने वाली वस्तुओं की गुणवत्ता का भी ध्यान रखेगी। इसलिए केंद्र सरकार नया नियम ला रही है, जिसमें ऐसे उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में कंपनियों को बीआईएस की अनिवार्यताओं से छूट दी जाएगी।’ उन्होंने कहा कि इन कंपनियों को दुनिया में कहीं से भी अपनी जरूरत के उपकरण और कलपुर्जे खरीदने की अनुमति होगी।
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य भारत में विनिर्माण गतिविधियां शुरू करने वाली उच्च-प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए उपकरण, वस्तुओं और सेवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा ‘मेक इन इंडिया’ पहल को समर्थन देना है।
गोयल ने ‘एक्स] पर जारी एक पोस्ट में लिखा वाहन कलपुर्जा विनिर्माताओं के संगठन एसीएमए के 66वें सालाना सेशन को भारत में अमेरिकी राजदूत के सर्जियो गोर और एचएमटीसी साउथ एशिया के हरजिंदर कांग (जो दक्षिण एशिया के लिए एचएम ट्रेड कमिश्नर और पश्चिमी भारत के लिए ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर हैं) के साथ संबोधित करना खुशी की बात थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर