सरकार ने निर्यातकों के लिए रिलीफ स्कीम की अवधि 31 मार्च, 2027 तक बढ़ाई
नई दिल्ली, 02 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में लॉजिस्टिक्स संबंधी व्यवधानों के बीच निर्यातकों को राहत देते हुए निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (आरओडीटीईपी) स्कीम के बाद व्यापारियों को सहायता पहुंचाने के लिए रिलीफ (रेजीलिएंस एंड लॉलिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फेसिलिटेशन) पहल की परिचालन अवधि को बढ़ा दिया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि वाणिज्य विभाग ने 30 सितंबर, 2026 की अधिसूचना संख्या 37/2026-27 के जरिए रिलीफ– रेजीलिएंस एंड लॉलिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फेसिलिटेशन के घटक-II के तहत निर्धारित समय-सीमा को 31 मार्च, 2027 तक के लिए बढ़ा दिया है। रिलीफ, निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के तहत एक समयबद्ध पहल है।
मंत्रालय के मुताबिक रिलीफ योजना का घटक-II निर्यातकों को निर्दिष्ट क्षेत्रों के लिए आगामी शिपमेंट हेतु ईसीजीसी कवर प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिसमें 95 फीसदी जोखिम कवरेज प्रदान किया जाता है। अधिसूचना के मुताबिक यह घटक 16 मार्च, 2026 या उसके बाद प्राप्त की गई स्टैंडअलोन पॉलिसियों या संपूर्ण टर्नओवर पॉलिसियों के लिए उपलब्ध है।
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि इस लाभ के तहत कवर किए जाने वाले कार्गो के प्रकारों में फुल कंटेनर लोड (एफसीएल), लेस दैन कंटेनर लोड (एलसीएल) और रीफर कंटेनर शामिल हैं (ऊर्जा शिपमेंट को छोड़कर)। इसके अतिरिक्त, रिलीफ का यह घटक सुनिश्चित करता है कि पात्र अवधि के लिए निर्यातकों द्वारा भुगतान किए जाने वाले प्रीमियम में व्यवधान से पहले के स्तर की तुलना में वृद्धि नहीं की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि रिलीफ को 19 मार्च, 2026 को एक लक्षित पहल के रूप में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य खाड़ी और व्यापक पश्चिम एशिया समुद्री गलियारे में व्यवधानों के कारण असाधारण रूप से बढ़ी माल ढुलाई लागत, बढ़े हुए बीमा प्रीमियम और युद्ध-संबंधी निर्यात जोखिमों से प्रभावित भारतीय निर्यातकों को सहायता प्रदान करना था।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर