ऊर्जा सुरक्षा महत्वपूर्ण, केंद्र और राज्य मिलकर काम करें : मनोहर लाल
नई दिल्ली, 20 मार्च (हि.स)। केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच ऊर्जा सुरक्षा महत्वपूर्ण है। उन्होंने बिजली के उत्पादन, पारेषण और वितरण की पूरी प्रक्रिया को और अधिक बेहतर और किफायती बनाने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल का आह्वान किया।
यशोभूमि में आयोजित 'भारत बिजली शिखर सम्मेलन 2026' में एक मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि विद्युत आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे का आधार है। देश की 520 गीगावॉट से अधिक की क्षमता, डिस्कॉम के बेहतर प्रदर्शन, बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर और विद्युत आपूर्ति में सुधार आदि उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने किफायती और कुशल विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों का आह्वान किया।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत बढ़ाने और नवीकरणीय ऊर्जा को गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। मनोहर लाल ने स्वच्छ ऊर्जा स्रोत के रूप में परमाणु ऊर्जा की क्षमता को भी रेखांकित किया और शांति अधिनियम को एक महत्वपूर्ण कदम बताया। मनोहर लाल ने राज्यों को आवश्यक सुधारों को लागू करने तथा कानूनी और प्रशासनिक उपाय में केंद्र से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
भारत विद्युत शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय विद्युत मंत्रिस्तरीय बैठक हुई, जिसकी सहअध्यक्षता विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने की। बैठक में चंडीगढ़ और पंजाब के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल, एमएनआरई के सचिव संतोष कुमार सारंगी और विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के ऊर्जा मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए डिस्कॉम की उपभोक्ता सेवा रेटिंग (सीएसआरडी) और वितरण उपयोगिता रैंकिंग (डीयूआर) रिपोर्ट जारी की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर