एपीडा ने कर्नाटक से जीआई टैग वाली गुलबर्गा तुअर दाल मालदीव किया निर्यात

 


नई दिल्ली, 25 सितंबर (हि.स.)। कर्नाटक से जीआई टैग वाली गुलबर्गा तुअर दाल की एक मीट्रिक टन खेप मालदीव निर्यात किया गया। तुआर दाल के निर्यात के माध्यम से किसानों को वर्तमान बाजार मूल्य 60 रुपये प्रति किलो के मुकाबले 82 रुपये किलो का मूल्य प्राप्त हुआ है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने 24 सितंबर 2026 को कर्नाटक से जीआई टैग वाली गुलबर्गा तुअर दाल की एक मीट्रिक टन खेप मालदीव के लिए रवाना करने में मदद प्रदान की। इस पहल का उद्देश्य भारत के जीआई टैग वाले कृषि उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों का विस्तार करना है। इसके साथ ही किसान उत्पादक संगठनों एफपीओ के नेतृत्व वाले ब्रांडों की कृषि निर्यात में भागीदारी को भी मजबूत करना है।

वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि निर्यात से जुड़ी मूल्य शृंखला की एक प्रमुख विशेषता किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होना है। वर्तमान बाजार मूल्य 60 रुपये प्रति किलो है, जबकि निर्यात के माध्यम से किसानों को 82 रुपये प्रति किलो मूल्य की प्राप्ति हो रही है, जो 30 फीसदी से अधिक की वृद्धि है। मैसूर की मेसर्स सिल्केन ग्लोबल एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स ने अपने एफपीओ आधारित ब्रांड के जरिए यह खेप निर्यात की है। इसे समुद्री मार्ग से मालदीव पहुंचाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कर्नाटक के कलबुर्गी क्षेत्र से जुड़ी गुलबर्गा तुअर दाल को 2019 में भौगोलिक संकेतक (जीआई) पंजीकरण मिला था। यह दाल अपने विशिष्ट स्वाद और गुणवत्ता के लिए भी जानी जाती है, जो क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। एपीडा ने गुलबर्गा तुअर दाल को कर्नाटक के पंजीकृत जीआई उत्पादों में शामिल किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर