ईसीएलजीएस 5.0 के तहत अब तक 4.11 लाख से ज्यादा गारंटी दी गयी : सरकार
नई दिल्ली, 07 जुलाई (हि.स)। केंद्र सरकार ने कहा कि आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 के तहत अब तक 4.11 लाख से ज्यादा गारंटी जारी की जा चुकी हैं। इसके तहत गारंटी राशि 1.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में बताया कि ईसीएलजीएस 5.0 के शुरू होने के बाद से अब तक 4,11,479 गारंटी जारी की जा चुकी हैं। योजना के तहत जारी कुल राशि 1,55,229 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। ये इस बात का संकेत है कि लोन देने वाले सिस्टम में इस स्कीम को तेजी से अपनाया जा रहा है।
मंत्रालय ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई 2026 को ईसीएलजीएस 5.0 को अपनी मंजूरी दी थी। इस योजना का उद्देश्य कारोबारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और नकदी से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करना है। यह योजना विशेष रूप से पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति से प्रभावित कारोबारों को राहत देने के लिए तैयार की गई है। इसके जरिए वित्तीय संस्थानों को अतिरिक्त कर्ज देने में मदद मिल रही है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस योजना के तहत एमएसएमई को दिए जाने वाले अतिरिक्त कर्ज पर 100 फीसदी और अन्य व्यापारिक क्षेत्रों के लिए 90 फीसदी तक गारंटी कवर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कारोबारों को कर्ज देने में आसानी हो रही है। इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ छोटे और मध्यम उद्योगों को मिला है। जारी की गई कुल गारंटी की संख्या में से 98 फीसदी एमएसएमई क्षेत्र के लिए हैं, जबकि कुल गारंटी राशि का 82 फीसदी हिस्सा भी इसी क्षेत्र को मिला है।
इस योजना की जानकारी ज्यादा से ज्यादा कारोबारों तक पहुंचाने के लिए वित्तीय सेवा विभाग की ओर से देशभर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक पहले चरण में 20 मई से 6 जून 2026 के बीच नौ स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें बैंक, उद्योग संगठन और संबंधित संस्थाओं ने भाग लिया। दूसरे चरण के तहत 10 स्थानों पर कार्यक्रम किए जा रहे हैं, जिनमें से चार पूरे हो चुके हैं।
इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) भारत सरकार द्वारा शुरु की गई एक आपातकालीन ऋण गारंटी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यवसायों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और एयरलाइनों को पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों से उबरने के लिए अतिरिक्त तरलता (वर्किंग कैपिटल) प्रदान करना है।
सरकार का कहना है कि ईसीएलजीएस 5.0 कारोबारों को मजबूत वित्तीय सहायता देने और छोटे उद्यमियों को चुनौतियों के समय आगे बढ़ने में मदद करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर