ईसीएलजीएस 5.0 के तहत महीनेभर में एक लाख से अधिक ऋण गारंटी जारीः वित्त मंत्रालय
नई दिल्ली, 10 जून (हि.स)। पश्चिम एशिया संकट के बीच आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। इसके तहत जारी गारंटी की संख्या एक महीने के भीतर एक लाख के पार पहुंच गई, जिनकी कुल राशि 48,484 करोड़ रुपये हो गई है।
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा, “9 जून, 2026 तक आपातकालीन ऋण गारंटी योजना के तहत कुल 1,06,549 गारंटी जारी की जा चुकी हैं, जिनकी कुल राशि 48,484.26 करोड़ रुपये है। यह ऋणदाताओं को दिए जा रहे ऋण संरक्षण के व्यापक स्तर को दर्शाता है।”
मंत्रालय ने कहा कि ईसीएलजीएस 5.0 को पांच मई, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। इस योजना का उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी संकट से उत्पन्न नकदी की चुनौतियों से निपटने के लिए मौजूदा उधारकर्ताओं को 2.55 लाख करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त कर्ज उपलब्ध कराना है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस योजना की कुल गारंटी में से संख्या के हिसाब से 96 फीसदी और राशि के हिसाब से 86 फीसदी हिस्सा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र से संबंधित है। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की बड़ी भागीदारी ने इस योजना के त्वरित क्रियान्वयन में मदद की है। इसकी कुल गारंटी में इन बैंकों की भागीदारी 96 फीसदी है।
मंत्रालय ने बताया कि एमएसएमई क्षेत्र को 100 फीसदी और गैर-एमएसएमई क्षेत्र को 90 फीसदी गारंटी कवरेज दिए जाने से वित्तीय संस्थानों को अधिक ऋण देने के लिए प्रोत्साहन मिला है, जिससे जरूरतमंद क्षेत्रों तक नकदी प्रवाह सुनिश्चित हो रहा है। यह उपलब्धि क्रेडिट के लिए एक सहायक माहौल बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाती है। जैसे-जैसे ईसीएलजीएस 5.0 में बदलाव हो रहे हैं, ये व्यवसायों के बीच वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन बना हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर