केंद्र ने 'भव्य' योजना के तहत 50 औद्योगिक पार्क के लिए राज्यों से मांगे आवेदन

 


नई दिल्ली, 23 मई (हि.स)। केंद्र सरकार ने 33,660 करोड़ रुपये की भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के तहत 50 औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए राज्यों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। सरकार ने इसके लिए चार महीने की समय-सीमा तय किया है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्राल ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। मंत्रालय के मुताबिक ‘भव्य’ योजना का उद्देश्य विश्वस्तरीय औद्योगिक अवसंरचना विकसित करना, विनिर्माण क्षमता को बढ़ाना और देश की आर्थिक वृद्धि को गति प्रदान करना है। इस योजना के तहत गैर-पहाड़ी राज्यों के लिए जमीन की न्यूनतम आवश्यकता 100 एकड़ और पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों तथा छोटे राज्यों के लिए 25 एकड़ निर्धारित की गई है। ये योजना 1000 एकड़ तक के बड़े पार्कों पर विचार करने की भी अनुमति देती है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज वाणिज्य भवन में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पहले दो महीनों में 20 औद्योगिक पार्क के लिए और उसके बाद के दो महीनों में 30 अन्य पार्क के लिए राज्यों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। पहले चरण में इन 50 पार्क को मंजूरी दी जाएगी और शेष 50 पार्क को अगले चरण में स्वीकृति प्रदान करने की योजना है। यह योजना राज्यों और निजी क्षेत्र के भागीदारों के साथ साझेदारी में लागू की जाएगी।

गोयल ने बताया कि इस योजना के तहत 100 से 1000 एकड़ तक के औद्योगिक पार्कों का विकास किया जाएगा और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों के लिए 25 एकड़ भूमि पर भी औद्योगिक पार्क के विकास को भी मंजूरी दी जा सकती है। चयन ‘प्रतिस्पर्धा आधारित प्रक्रिया’ के तहत किया जाएगा और जमीन, पानी एवं बिजली जैसी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले राज्यों में निवेशकों को आकर्षित करने की अधिक संभावना होगी।

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और हरियाणा जैसे राज्य इस योजना को लेकर गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता हूं। हम आज से अगले 4 महीनों तक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आवेदन आमंत्रित कर रहे हैं। हम 50 औद्योगिक पार्क के लिए आवेदन मांग रहे हैं, ताकि हम इस योजना को पूरे देश में शीघ्रता से लागू कर सकें।’’

गोयल ने उम्मीद जताई कि तीन साल के भीतर 50 औद्योगिक पार्क चालू हो जाएंगे। यह योजना विनिर्माण इकाइयों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), स्टार्टअप तथा तैयार औद्योगिक बुनियादी ढांचा तलाश रहे वैश्विक निवेशकों के लिए लाभकारी होगी। उन्होंने कहा कि 'भारत औद्योगिक विकास योजना' ('भव्य') के लॉन्च होने के महज दो महीने बाद ही मोदी सरकार ने आज इस योजना के दिशा-निर्देश जारी किए और राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को विश्व-स्तरीय औद्योगिक पार्क स्थापित करने के लिए आवेदन करने हेतु आमंत्रित किया है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'प्लग-एंड-प्ले' इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस ये पार्क किस तरह औद्योगिक विकास को गति देंगे, निवेश आकर्षित करेंगे, रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' (व्यापार करने में सुगमता) को बढ़ावा देंगे। इसके अलावा गोयल ने मीडिया को कनाडा की आगामी यात्रा के बारे में भी जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय चर्चाओं का मुख्य केंद्र आर्थिक सहयोग को मज़बूत करना होगा, जिसमें दोनों देशों की साझा प्रगति के लिए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर होने वाली बातचीत भी शामिल है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 18 मार्च को देशभर में 100 ‘प्लग-एंड-प्ले’ औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना को मंजूरी दी थी। ये ऐसे औद्योगिक पार्क होंगे जहां सारी जरूरी सुविधाएं पहले से तैयार हों और कंपनी अपना काम फौरन शुरू कर सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर