डीपीआईआईटी ने फुटवियर के पुराने स्टॉक को क्लियर करने की समय-सीमा 31 जुलाई 2027 तक बढ़ाई

 




- उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग ने फुटवियर संबंधी गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में संशोधन किया

नई दिल्ली, 09 जुलाई (हि.स.)। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बेहतर करने के लिए डीपीआईआईटी ने फुटवियर संबंधी गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में संशोधन किया है। डीपीआईआईटी ने फुटवियर के पुराने स्टॉक को क्लियर करने की समय सीमा 31 जुलाई, 2027 तक बढ़ा दी है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक बयान में बताया कि उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और घरेलू जूता मैन्युफैक्चरिंग प्रणाली को बेहतर करने के उद्देश्य से जूता क्षेत्र से संबंधित 2 गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (क्यूसीओ) में संशोधन किए। संशोधनों के तहत पुराने स्टॉक को निपटाने की समय सीमा 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 जुलाई, 2027 कर दी गई है।

मंत्रालय ने बताया कि ये संशोधन 12 जून को एस.ओ. 3038(ई) और एस.ओ. 3037(ई) के माध्यम से अधिसूचित किए गए, जो क्रमशः चमड़े और अन्य सामग्रियों से बने जूतों (गुणवत्ता नियंत्रण) पर आदेश, 2024 और रबर एवं पॉलिमर सामग्री एवं उसके घटकों से बने जूतों (गुणवत्ता नियंत्रण) पर आदेश, 2024 से संबंधित हैं। इन संशोधनों में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) के लिए नमूनों के आयात पर छूट भी दी गई है। ये संशोधन ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ भारत के गुणवत्ता इकोसिस्टम को बेहतर करने के लिए डीपीआईआईटी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर