अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में उछाल, ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर के ऊपर पहुंचा
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज लगातार चौथे दिन क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) की कीमत में तेजी का रुख बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड आज 105.86 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक उछल गया। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी आज सौ डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब 97 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के पार पहुंच गया। हालांकि बाद में कच्चे तेल की कीमत में मामूली गिरावट भी दर्ज की गई।
अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता टल जाने और होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी के मसले पर दोनों देशों के आमने सामने आ जाने की वजह से इस प्रमुख समुद्री रास्ते के जरिये होने वाली कच्चे तेल की सप्लाई लगभग ठप पड़ी हुई है और निकट भविष्य में इसके शुरू होने की संभावना भी नजर नहीं आ रही है। इसी वजह से कच्चे तेल की कीमत में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है।
आज ब्रेंट क्रूड ने तेजी दिखाते हुए 100 डॉलर के ऊपर 101.66 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। थोड़ी देर में ही यह उछल कर 105.86 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। भारतीय समय के अनुसार सुबह 9:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद ब्रेंट क्रूड 1.80 प्रतिशत की तेजी के साथ 103.76 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड में आज 92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर 92.69 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। थोड़ी देर में ही यह उछल कर 97.22 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि बाद में इसके भाव में मामूली गिरावट भी दर्ज की गई। भारतीय समय के अनुसार 9:15 बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.13 प्रतिशत की उछाल के साथ 94.97 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
आपको बता दें कि फरवरी के अंत में पश्चिम एशिया में शुरू हुई इस जंग ने दुनिया के पेट्रोलियम बेस्ड एनर्जी मार्केट को हिला कर रख दिया है। इस जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद हो जाने से फारस की खाड़ी से होने वाली ऑयल और गैस की सप्लाई में जबरदस्त गिरावट आई है। अमेरीका ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए यहां नाकेबंदी कर रखी है। दूसरी ओर, ईरान अपनी ओर से होर्मुज को इंटरनेशनल ट्रैफिक के लिए बंद रखने की कोशिश में जुटा हुआ है। इसी कोशिश में बुधवार को ईरानी गनबोट्स ने ओमान के पास मालवाहक जहाजों पर फायरिंग भी की।
जानकारों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तत्काल शांति वार्ता होने की संभावना नजर नहीं आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान जरूर किया है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी जारी रखने की बात कह कर तनाव को और बढ़ा दिया है। दूसरी ओर, ईरान भी लगातार अमेरिका को सख्त जवाब देने की बात कह रहा है। ओमान के पास मालवाहक जहाजों पर फायरिंग कर उसने ये भी जता दिया है कि वो अमेरिकी धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है। ऐसे में इन दोनों देशों के हठी रवैये से लगने लगा है कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से मालवाहक जहाजों और ऑयल टैंकर्स का आना-जाना तत्काल संभव नहीं हो सकेगा। ऐसी स्थिति में दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई में परेशानी जारी रहेगी, जिसका परिणाम कच्चे तेल की कीमत में तेजी के रूप में देखा जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक