कोचीन शिपयार्ड की बिक्री पेशकश में संस्थागत निवेशकों के हिस्से को मिला पूर्ण अभिदान

 


-सीएसएल के ओएफएस को संस्थागत निवेशकों ने किया पूरा सब्सक्राइब, फ्लोर प्राइस 1,400 रुपये

नई दिल्ली, 07 जुलाई (हि.स)। केंद्र सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) में 5.04 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने के लिए बिक्री पेशकश (ओएफएस) में संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से को मंगलवार को अपेक्षा से अधिक अभिदान मिला।

सीएसएल के 59.66 लाख से अधिक शेयर के आधार आकार की पेशकश के मुकाबले संस्थागत निवेशकों ने लगभग 74 लाख शेयर के लिए बोलियां लगाईं। इस तरह उनके लिए आरक्षित हिस्से को 1.23 गुना अभिदान मिला है। इसके लिए शेयर बाजार बंद होने तक बोली प्रक्रिया जारी रहेगी। वहीं, बोलियों का सांकेतिक मूल्य 1,401.85 रुपये प्रति शेयर रहा, जबकि न्यूनतम मूल्य 1,400 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।

कोचीन शिपयार्ड में 5.04 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही सरकार

केंद्र सरकार दो दिन की बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिये जहाज निर्माण कंपनी सीएसएल में 1.32 करोड़ से अधिक शेयर यानी 5.04 फीसदी तक अपनी हिस्सेदारी बेच रही है। इसमें 2.52 फीसदी शेयर बेचे जाएंगे, जबकि अधिक मांग आने की स्थिति में उतनी ही अतिरिक्त हिस्सेदारी ‘ग्रीन-शू’ विकल्प के तहत बेची जाएगी।

कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के ओएफएस के लिए निर्धारित न्यूनतम मूल्य पर 5.04 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री से सरकारी खजाने को लगभग 1,800 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। खुदरा निवेशक 8 जुलाई को बिक्री पेशकश के लिए बोली लगा सकेंगे। वर्तमान में सीएसएल में सरकार की 67.91 फीसदी हिस्सेदारी है।

उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार अब तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कोल इंडिया, एनएचपीसी, एनएलसी इंडिया, जीआईसी और आईआरएफसी में ओएफएस के जरिये हिस्सेदारी बेचकर कुल 18,561 करोड़ रुपये जुटा चुकी है। वहीं, समूचे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने विनिवेश और परिसंपत्ति मौद्रीकरण के जरिये 80 हजार करोड़ रुपये जुटाने का बजट लक्ष्य रखा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर