केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने एमसीएलआर दरें बढ़ाई, नई दरें 12 जून से प्रभावी

 


नई दिल्ली, 11 जून (हि.स)। निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के दो प्रमुख बैंकों केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी सीमांत लागत आधारित उधारी दर (एमसीएलआर) में 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी की है। दोनों की नई एमसीएलआर दरें 12 जून से प्रभावी होंगी।

केनरा बैंक ने गुरुवार को जानकारी दी कि 24 घंटे के लिए एमसीएलआर बढ़कर अब 7.95 फीसदी, 1 महीना के लिए 8 फीसदी, 3 महीने के लिए 8.25 फीसदी, 6 महीने के लिए 8.60 फीसदी, 1 साल के लिए 8.75 फीसदी (कोई बदलाव नहीं), 2 साल के लिए 9.00 फीसदी और 3 साल के लिए 9.05 फीसदी हो जाएगा। एमसीएलआर की दरों में बढ़ोतरी के बाद ग्राहकों के लिए कर्ज लेना और महंगा हो जाएगा।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी कुछ अवधि की एमसीएलआर की दरों में 0.05 फीसदी बढ़ोतरी की है। बैंक के अनुसार एमसीएलआर की दर 7.80 फीसदी से बढ़कर अब 7.85 फीसदी हो जाएगी। 24 घंटे के लिए एमसीएलआर अब 7.85 फीसदी, एक महीना के लिए 7.95 फीसदी, 3 महीने के लिए 8.20 फीसदी, 6 महीने के लिए 8.50 फीसदी और 1 साल के लिए 8.75 फीसदी हो जाएगा। बैंक ऑफ बड़ौदा के एमसीएलआर दर में वृद्धि से होम लोन, ऑटो लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले लोन की ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है।

क्या होता है एमसीएलआर

एमसीएलआर वह आधार दर होती है, जिस पर बैंक अपने अधिकांश लोन की ब्याज दर तय करते हैं। इन बैंकों के फैसले का असर ग्राहकों के आवासीय ऋण, वाहन ऋण और व्यक्तिगत ऋण की मासिक किस्तों पर पड़ सकता है। केनरा और बैंक ऑफ बड़ौदा ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने रेपो रेट में लगातार दूसरी बार कोई बदलाव नहीं किया। फिलहाल रेपो रेट 5.25 फीसदी पर स्थिर बनी हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर