ब्लू स्टार ने 2026 के लिए एसी की नई रेंज पेश की, कूलिंग सेगमेंट में विस्तार पर जोर

 




जयपुर, 21 अप्रैल (हि.स.)। ब्लू स्टार लिमिटेड ने समर-2026 को ध्यान में रखते हुए रूम एसी की नई और विस्तृत रेंज लॉन्च करने की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि इस कदम से रेजिडेंशियल और कमर्शियल कूलिंग सेगमेंट में उसकी पकड़ और मजबूत होगी तथा तेजी से बढ़ती डिमांड का फायदा उठाया जा सकेगा।

कंपनी द्वारा पेश इस नए पोर्टफोलियो में 125 मॉडल शामिल हैं, जिनमें प्रीमियम सेगमेंट के साथ-साथ मिड और मास मार्केट के लिए भी ऑप्शन रखे गए हैं। सभी मॉडल 1 जनवरी 2026 से लागू नए एनर्जी एफिशिएंसी नॉर्म्स के अनुरूप हैं, जिन्हें Bureau of Energy Efficiency (ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी) ने तय किया है। कंपनी के अनुसार भारत का रूम एसी मार्केट फिलहाल स्ट्रक्चरल ग्रोथ फेज में है। बढ़ती इनकम, तेज अर्बनाइजेशन और क्लाइमेट में बढ़ती गर्मी इसके मुख्य कारण हैं। अनुमान है कि यह मार्केट 2030 तक करीब 30 मिलियन यूनिट तक पहुंच सकता है। खास तौर पर टियर-3, 4 और 5 शहर तेजी से नए ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहे हैं।

नई रेंज में इन्वर्टर, फिक्स्ड-स्पीड और विंडो एसी शामिल हैं। प्रीमियम सेगमेंट में ‘Iconia’ (आइकोनिया) सीरीज को खास डिजाइन और मिडनाइट सिल्वर फिनिश के साथ पेश किया गया है। इसके अलावा कंपनी ने सुपर एनर्जी-एफिशिएंट, हेवी-ड्यूटी, हॉट एंड कोल्ड और एंटी-वायरस टेक्नोलॉजी वाले एसी भी लॉन्च किए हैं। सुपर एनर्जी-एफिशिएंट एसी में डायनेमिक ड्राइव टेक्नोलॉजी दी गई है, जिससे बेहतर एयरफ्लो के साथ हाई एफिशिएंसी मिलती है। एक टन इन्वर्टर स्प्लिट एसी का ISEER 6.25 तक पहुंचता है, जो सामान्य 3-स्टार एसी की तुलना में करीब 45 प्रतिशत ज्यादा एफिशिएंट बताया गया है।

हेवी-ड्यूटी एसी 56 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी में भी प्रभावी कूलिंग देने में सक्षम हैं और इनमें 55 फीट तक एयर थ्रो की क्षमता है। वहीं हॉट एंड कोल्ड एसी पूरे साल इस्तेमाल के लिए डिजाइन किए गए हैं, जो अलग-अलग क्लाइमेट कंडीशंस में काम कर सकते हैं। एंटी-वायरस टेक्नोलॉजी वाले एसी इनडोर एयर क्वालिटी सुधारने में मदद करते हैं और एयर प्यूरीफिकेशन मोड भी सपोर्ट करते हैं। करीब 50 मॉडल स्मार्ट वाई-फाई फीचर से लैस हैं, जिनमें एआई बेस्ड कूलिंग, वॉयस कमांड, कस्टमाइज्ड स्लीप मोड और एनर्जी मैनेजमेंट जैसे एडवांस फीचर दिए गए हैं। इसके अलावा मल्टी-लेयर फिल्ट्रेशन, कन्वर्टिबल कूलिंग, सेल्फ-क्लीन, डिफ्रॉस्ट-क्लीन, डीजीक्यूऑक्टा (DigiQOcta) सेंसर और नैनो ब्लूप्रोटेक्ट (Nano BluProtect) जैसी टेक्नोलॉजी भी शामिल की गई हैं, जो बेहतर एंटी-कोरोशन सुरक्षा प्रदान करती हैं।

कंपनी ने अपने मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क को भी मजबूत किया है। मौजूदा प्रोडक्शन कैपेसिटी करीब 1.4 मिलियन यूनिट है, जिसे बढ़ाकर 1.8 मिलियन यूनिट तक किया जा सकता है। आंध्र प्रदेश के श्री सिटी और हिमाचल प्रदेश में कंपनी के प्लांट्स में मॉडर्न असेंबली लाइन, ऑटोमेशन और IoT बेस्ड सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। डिस्ट्रिब्यूशन और सर्विस नेटवर्क की बात करें तो कंपनी 900 से ज्यादा शहरों में मौजूद है और 10 हजार से अधिक आउटलेट्स के जरिए प्रोडक्ट्स की बिक्री कर रही है। 2100 से ज्यादा सर्विस पार्टनर्स के साथ ‘गोल्ड स्टैंडर्ड सर्विस’ प्रोग्राम के जरिए आफ्टर-सेल्स सपोर्ट दिया जा रहा है।

इस मौके पर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर B Thiagarajan (बी. थियागराजन) ने कहा कि भारत में कूलिंग की डिमांड तेजी से बढ़ रही है और आने वाले समय में करीब 15 करोड़ परिवार एसी खरीदने की स्थिति में होंगे। उन्होंने कहा कि नई रेंज और विस्तृत पोर्टफोलियो के जरिए कंपनी अगले ग्रोथ फेज में लीड करने की रणनीति पर काम कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश