बैंकों से ईसीएलजीएस के तहत छोटे उद्यमों को 35 हजार करोड़ रुपये के ऋण मंजूर
नई दिल्ली, 01 जून (हि.स)। बैंकों ने आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत छोटे उद्यमों को 35 हजार करोड़ रुपये के ऋण मंजूर किए हैं। इसमें मौजूदा वैश्विक संकट से प्रभावित एयरलाइन कंपनियों के लिए 5 हजार करोड़ रुपये भी शामिल हैं। इस योजना का उद्देश्य 2.55 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज प्रदान करना है।
पश्चिम एशिया संकट पर नई दिल्ली में आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए वित्तीय सेवा विभाग के संयुक्त सचिव मनोज मुत्तथिल अयप्पन ने सोमवार को कहा कि आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 को 5 मई को लॉन्च की गई थी। उन्होंने कहा कि इस स्कीम का मकसद व्यवसायों, खासकर एमएसएमई और साथ ही गैर- एमएसएमई सेक्टर को पर्याप्त लिक्विडिटी (नकदी) की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई को इसकी मंजूरी दी थी। उन्होंने बताया कि 29 मई तक 1.71 लाख करोड़ रुपये की 2.62 लाख आवेदन प्राप्त हुई हैं। बैंकों ने लगभग 80,000 आवेदनों को मंजूरी दे दी है। इनमें 35,194 करोड़ रुपये पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं और 15,720 करोड़ रुपये की गारंटी भी जारी की जा चुकी है।
संयुक्त सचिव ने यह भी बताया कि अधिकतम लाभ प्रदान करने के लिए देशभर में ‘आउटरीच’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि कुल 18,100 करोड़ रुपये के व्यय वाली ईसीएलजीएस 5.0 योजना पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित एयरलाइंस और एमएसएमई की मदद करेगी। इस योजना के तहत बैंक उनकी मौजूदा कार्यशील पूंजी पर 20 फीसदी अतिरिक्त ऋण प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एयरलाइन क्षेत्र के लिए अवधि पहले वितरण की तिथि से 7 वर्ष के लिए होगी। इसमें दो वर्ष का स्थगन शामिल है। एमएसएमई और गैर-एमएसएमई के लिए यह पहले वितरण की तिथि से पांच वर्ष होगी, जिसमें एक वर्ष का स्थगन शामिल है।
इस योजना का उद्देश्य नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) द्वारा सदस्य ऋण संस्थानों (एमएलआई) को एमएसएमई के लिए 100 फीसदी और गैर-एमएसएमई के लिए 90 फीसदी ऋण गारंटी कवरेज प्रदान करना है। ईसीएलजीएस को पहली बार मई, 2020 में कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक संकट को कम करने के लिए पेश किया गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर