एपीडा ने 20 मीट्रिक टन शहद की पहली खेप अमेरिका को किया निर्यात
नई दिल्ली, 09 मई (हि.स)। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने शनिवार को असम के बक्सा जिले से 20 मीट्रिक टन शहद की पहली खेप को अमेरिका निर्यात के लिए रवाना किया, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने जारी एक बयान में बताया कि भारत के कृषि निर्यात में विविधता लाने और 'एक जिला एक उत्पाद' (ओडीओपी) पहल को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी एवं महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर असम के एक 'आकांक्षी जिले' बक्सा से ओडीओपी शहद की पहली खेप एपीडा की पहल के जरिए यूएसए के लिए रवाना की गई।
मंत्रालय ने बताया कि 20 मीट्रिक टन शहद वाली इस पहली खेप का निर्यात पूर्वोत्तर क्षेत्र के एपीडा-पंजीकृत निर्यातक, मेसर्स सॉल्ट रेंज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, असम के द्वारा किया गया। एपीडा का यह पहल भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र से मिलने वाले उच्च गुणवत्ता वाले, ऑर्गेनिक शहद की बढ़ती वैश्विक मांग को दर्शाती है, जिससे स्थानीय किसानों की आय बढ़ती है और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलता है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में लिखा है, असम के बक्सा जिला से पहली बार ओडीओपी शहद का अमेरिका निर्यात, पूर्वोत्तर भारत की कृषि क्षमता और किसानों की मेहनत का वैश्विक प्रमाण है।
पीयूष गोयल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक जिला एक उत्पाद’ विजन और एपेडाडॉक के प्रयासों से स्थानीय मधुमक्खी पालकों को बेहतर मूल्य, वैश्विक बाज़ार और आत्मनिर्भरता की नई उड़ान मिली है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ निर्यात नहीं, बल्कि ग्रामीण समृद्धि और ‘लोकल के लिए वोकल’ को वैश्विक पहचान दिलाने की ऐतिहासिक उपलब्धि है।
उल्लेखनीय है कि असम में शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं, जिसका मुख्य कारण यहां की समृद्ध जैव विविधता, प्रचुर वन संसाधन और मधुमक्खी पालन की पुरानी परंपरा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर