आकलन वर्ष 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न के सभी फॉर्म अधिसूचित
नई दिल्ली, 31 मार्च (हि.स)। आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2026-27 के आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने के लिए सभी फॉर्म अधिसूचित कर दिए हैं। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2025-26 की इनकम के लिए रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
आयकर विभाग ने मंगलवार को आईटीआर-2, 3, 5, 6 और 7 के साथ अद्यतन रिटर्न दाखिल करने के लिए आईटीआर-यू फॉर्म को अधिसूचित किया है। इसके पहले आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म 30 मार्च को अधिसूचित किए गए थे। इन फॉर्म का इस्तेमाल छोटे और मध्यम करदाता करते हैं।
विभाग ने जारी बयान में बताया कि व्यक्तिगत करदाताओं एवं खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं होने वाले करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है। वहीं, गैर-ऑडिट मामलों जैसे स्वरोजगार व प्रोफेशनल्स के लिए अब 31 अगस्त तक का समय तय किया गया है।
आईटीआर-1 (सहज) और आईटीआर-4 (सुगम) अपेक्षाकृत सरल फॉर्म हैं, जो बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम करदाताओं के लिए हैं। सहज फॉर्म को ऐसे निवासी व्यक्ति भर सकते हैं जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये तक है और जिनकी आय वेतन, एक मकान, अन्य स्रोत (ब्याज) एवं 5,000 रुपये तक की कृषि आय से होती है। वहीं, सुगम फॉर्म ऐसे व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) और फर्म (एलएलपी को छोड़कर) के लिए है, जिनकी कुल वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है और जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से होती है।
विभाग के मुताबिक आईटीआर-2 फॉर्म उन व्यक्तियों और एचयूएफ के लिए है, जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से नहीं होती, लेकिन पूंजीगत लाभ से आय होती है। वहीं, आईटीआर-3 फॉर्म ऐसे व्यक्तियों और एचयूएफ के लिए है, जिनकी आय स्वामित्व वाले व्यवसाय या पेशे से होती है।
आईटीआर-5 फॉर्म को फर्म, सीमित देयता साझेदारी (एलएलपी) और सहकारी समितियां दाखिल करती हैं, जबकि आईटीआर-6 फॉर्म कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत कंपनियों के लिए है। इसके अलावा आईटीआर-7 फॉर्म ट्रस्ट और परमार्थ संस्थाओं के लिए निर्धारित है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर