सिलाई मशीनों पर रोली-अक्षत लगाकर महिलाओं ने किया विश्वकर्मा पूजन, बीएचयू के ग्रामीण विकास केंद्र में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई पूजा-अर्चना
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित ग्रामीण विकास केंद्र में गुरुवार को भगवान विश्वकर्मा का पूजन समारोह श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं सैकड़ों महिलाओं ने मशीनों और अन्य उपकरणों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रोच्चार और आरती से पूरा केंद्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर केंद्र को फूल-मालाओं से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। सुबह से ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं महिलाएं केंद्र पहुंचने लगीं। सबसे पहले महिलाओं ने परिसर की साफ-सफाई की और इसके बाद पूजा की तैयारियां शुरू कीं।

मशीनों पर रक्षा सूत्र बांधकर की पूजा
पूजन के दौरान महिलाओं ने केंद्र में रखी सिलाई मशीनों और अन्य उपकरणों पर रोली-अक्षत लगाकर रक्षा सूत्र बांधा। इसके बाद भगवान विश्वकर्मा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न होने के बाद आरती उतारी गई। महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक जयकारे लगाए। पूजा के बाद सभी उपस्थित लोगों में प्रसाद वितरित किया गया।
आत्मनिर्भरता और रोजगार में उन्नति की कामना
पूजन में शामिल महिलाओं ने कहा कि सिलाई मशीन उनके लिए प्रशिक्षण और रोजगार का साधन होने के साथ आत्मनिर्भर बनने का माध्यम भी है। विश्वकर्मा पूजा के जरिए उन्होंने अपने कार्य में उपयोग होने वाली मशीनों और उपकरणों के प्रति सम्मान प्रकट किया।
महिलाओं ने भगवान विश्वकर्मा से परिवार की सुख-समृद्धि, अपने कार्य में सफलता और रोजगार के नए अवसर मिलने की कामना की। साथ ही केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प भी व्यक्त किया।
बड़ी संख्या में महिलाएं हुईं शामिल
कार्यक्रम में प्रोफेसर आलोक कुमार पांडेय, भूपेंद्र प्रताप सिंह, आरती विश्वकर्मा सहित केंद्र से जुड़े लोग और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। सभी ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर एक-दूसरे को विश्वकर्मा पूजन की शुभकामनाएं दीं। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।

