भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के पर वाराणसी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो

s
WhatsApp Channel Join Now

 योगी सरकार ने सुरक्षा, सुगमता और दर्शकों की सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए

22, 24 और 25 अक्टूबर को आसमान में दिखेगा भारतीय सेना और वायुसेना का शौर्य, 15 से 20 लाख दर्शकों के पहुंचने का अनुमान

आसमान में वायु सेना दिखाएगी सैन्य शक्ति, जमीन पर यूपी पुलिस सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की कमान संभालने के लिए तैयार 

एयर शो के लिए काशी,जोन, सेक्टर और सब सेक्टर में विभाजित, भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए अलग-अलग ट्रैफिक प्लान 

79 अस्थायी पुलिस थाने ,11900 पुलिस कर्मी , तीन ग्रीन कॉरिडोर,100 एंबुलेंस और आठ अस्थायी अस्पतालों की व्यवस्था

घाटों पर डबल बैरिकेडिंग, 25 वॉच टावर और नदी में सुरक्षाबलों की तैनाती, एंटी-ड्रोन सिस्टम, एटीवी और साइबर सुरक्षा टीम मुस्तैद 

25 अक्टूबर को पीएम नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल,  सीएम योगी  आदित्यनाथ सहित कई गणमान्य लोगों का आना प्रस्तावित


वाराणसी, भारतीय सेना और वायु सेना के शौर्य, साहस और सामरिक क्षमता का प्रदर्शन करने वाले एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’  को लेकर योगी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस आयोजन में 15 से 20 लाख लोगों के आने का अनुमान है। अंतिम दिन 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल,  मुख्यमंत्री योगी  आदित्यनाथ, सेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई गणमान्य लोगों का आना  प्रस्तावित है। आसमान में जहां वायु सेना के विमान अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करेंगे, वहीं जमीन पर उत्तर प्रदेश पुलिस यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा की कमान संभालने के लिए तैयार है। सरकार ने दर्शकों को सुरक्षित तरीके से घाटों तक पहुंचाने, आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने और कार्यक्रम के बाद उन्हें सकुशल घर वापस जाने का पूरा प्लान बना लिया है। 

s

पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट मोहित अग्रवाल ने बताया कि गुरुवार से शुरू हो रहे एयर शो की सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती बढ़ाने के साथ अस्थायी पुलिस थाने  स्थापित किये गए हैं। पुलिस के अलावा पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बम निरोधक दस्ता और एटीएस समेत अन्य टीमें तैनात रहेंगी। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, एयरपोर्ट और अन्य प्रमुख मार्गों से आने वाले दर्शकों को निर्धारित रास्तों से आयोजन स्थल तक पहुंचाने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है 

ट्रैफिक प्लान से संभालेंगे यातायात
संभावित भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए चार अलग-अलग ट्रैफिक प्लान तैयार किए गए हैं। यातायात व्यवस्था को आंतरिक और बाहरी, दो हिस्सों में बांटा गया है। दोनों व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग डायवर्जन, बैरियर और वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। परिस्थितियों के अनुसार यातायात योजना लागू की जाएगी। बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन पर डाइवर्जन प्लान के साथ पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी।  

 योगी सरकार
दर्शकों की सुविधा के लिए घाटों को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन के अनुरूप पार्किंग स्थल और प्रवेश मार्ग निर्धारित किया गया है। शहर से आने वाले दर्शकों को गंगा के इस पार निर्धारित पार्किंग और दर्शक स्थलों की ओर भेजा जाएगा, जबकि बाहरी जनपदों से आने वालों के लिए रामनगर-पड़ाव क्षेत्र में पार्किंग और आवागमन की व्यवस्था की जाएगी। प्रमुख मार्गों, पार्किंग स्थलों और प्रवेश बिंदुओं पर तैनात पुलिसकर्मी दर्शकों को दिशा-निर्देश देंगे, ताकि जाम और अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके।

आपातकालीन चिकित्सा के लिए ग्रीन कॉरिडोर
 मुख्य चिकित्सा अधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि एयर शो के दौरान यातायात के दबाव के बीच मरीजों और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तीन ग्रीन कॉरिडोर होंगे। सर सुंदरलाल अस्पताल, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल और पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल समेत प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों को चिन्हित किया गया है। भीड़ की निकासी, वीवीआईपी आवागमन और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए गए है।

घाटों पर डबल बैरिकेडिंग, नदी में भी कड़ी निगरानी
गंगा घाटों पर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग एकल मार्ग बनाए गए है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए डबल बैरिकेडिंग,सभी घाटों पर  सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए है,जिससे संदिग्ध गतिविधियों एवं भीड़ बढ़ने पर त्वरित कार्यवाई की जा सके, वॉच टावर बनाये गए है, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के दृष्टिगत गंगा के घाटों, शहर के प्रमुख मार्गों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों को  पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम से जोड़ा गया है। घाटों के प्रवेश बिंदुओं पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच की व्यवस्था होगी। डुमरी से सत्ती घाट और आदि केशव से दशाश्वमेध घाट तक लगभग 5.5-5.5 किलोमीटर के हिस्से में डबल बैरिकेडिंग की गई  है। पूरे शहर, नमो घाट से लेकर सामने घाट तक और घाटों को जोड़ने वाले प्रमुख संपर्क मार्गों व गलियों में  साइनेज बोर्ड लगाए गए हैं जिससे बाहरी जनपदों से आने वाले लोग आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। 

s

गंगा में सुरक्षा के लिए एयर शो के दौरान सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक निजी नावों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। घाटों और नदी क्षेत्र में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी की बाढ़ राहत कंपनियों तथा जल पुलिस की तैनाती की गई  है। स्थानीय गोताखोरों को भी बचाव कार्य के लिए तैयार रखा गया है। घाटों पर दो वाटर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। पार्किंग और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पेयजल, शौचालय और अन्य जन सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

पुलिसकर्मी दर्शकों को ‘सर’ और ‘मैडम’ कहकर करेंगे संबोधित
पुलिस आयुक्त ने बताया कि एयर शो के दौरान दर्शकों के साथ शिष्ट और सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कर्मियों को सॉफ्ट स्किल की ट्रेनिंग दी गई है। प्रशिक्षित पुलिसकर्मी दर्शकों को बिना छुए विनम्रता से सहयोग करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए घाटों और नगर क्षेत्र में जोन, सेक्टर तथा सब-सेक्टर बनाए गए हैं। 

 योगी सरकार

ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबन्ध 
एयर शो की संवेदनशीलता को देखते हुए अनधिकृत ड्रोन संचालन पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। गंगा घाटों से दोनों ओर पांच किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। प्रतिबंधित क्षेत्र में संदिग्ध उड़ान गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखी जाएगी।

Live VNS Desk
Live VNS Desk

23411 Articles

Trusted Journalism | Unbiased Reporting | Responsible Editorial Team Since 2013, Live VNS Desk has been committed to delivering fair, factual, and public-interest journalism. Our experienced editorial team oversees the selection, writing, editing, verification, and publication of news content, ensuring accuracy, credibility, and editorial integrity. In today's evolving digital landscape, we embrace modern technology, including Artificial Intelligence (AI), whenever appropriate. However, AI is used solely to assist with content writing, language refinement, and editorial efficiency?not to manipulate facts, spread misinformation, or promote any particular political or ideological agenda. Our principle is simple: Technology can assist journalism, but editorial responsibility must always remain with humans. Every piece of content, including AI-assisted material, is subject to human editorial oversight to maintain journalistic standards. our mission is to provide readers with accurate, balanced, credible, and impartial news. We prioritize facts over sensationalism, transparency over manipulation, and public interest above all else

Share this story