रविदास घाट पर सनबीम कॉलेज की स्वयंसेविकाओं ने किया योगाभ्यास, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का लिया संकल्प
वाराणसी। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को सनबीम कॉलेज फॉर वूमेन, भगवानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की स्वयंसेविकाओं ने रविदास घाट पर सामूहिक योगाभ्यास कर योग के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। गंगा तट के शांत वातावरण में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करते हुए स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

योग के महत्व को समझाया
प्रातःकाल आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयंसेविकाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। योग प्रशिक्षिका श्रीमती सावित्री पाल के निर्देशन में ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, अनुलोम-विलोम और कपालभाति सहित विभिन्न योगाभ्यास कराए गए। इस दौरान प्रतिभागियों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की भी जानकारी दी गई।

तनावमुक्त जीवन और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर जोर
कार्यक्रम के दौरान योग के माध्यम से तनावमुक्त जीवन, एकाग्रता में वृद्धि तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के महत्व पर विशेष रूप से चर्चा की गई। छात्राओं को बताया गया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारत की अमूल्य धरोहर है योग : हेरम्ब कुमार मिश्र
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी हेरम्ब कुमार मिश्र भी उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेविकाओं के साथ योगाभ्यास में सहभागिता करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने छात्राओं से नियमित रूप से योग करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

छात्राओं का किया उत्साहवर्धन
कार्यक्रम में कॉलेज प्रशासिका श्रीमती सरिता राव और प्राचार्य डॉ. सौरभ सेन ने भी छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ और सकारात्मक जीवन का आधार है तथा युवाओं को इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

नियमित योगाभ्यास का दिया संदेश
कार्यक्रम के अंत में सभी स्वयंसेविकाओं ने योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। रविदास घाट के प्राकृतिक और शांत वातावरण में संपन्न यह आयोजन प्रेरणादायक और सफल रहा। प्रतिभागियों ने समाज को स्वस्थ, निरोग और सकारात्मक जीवन के लिए नियमित योगाभ्यास करने का संदेश भी दिया।












