काशी से वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति के प्रसार का संकल्प, विश्व सनातन संस्थानम न्यास ने रखी विस्तृत कार्ययोजना

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वाराणसी। विश्व की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी से सनातन धर्म के वैश्विक प्रसार की दिशा में पहल तेज होती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में रविवार को विश्व सनातन संस्थानम न्यास की ओर से कार्यकर्ता समागम और प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें संस्था के पदाधिकारियों ने संगठन की भावी योजनाओं, उद्देश्यों और वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार की रणनीति को विस्तार से साझा किया।

संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि विश्व सनातन संस्थानम न्यास का प्रमुख उद्देश्य सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को विश्व के विभिन्न देशों तक पहुंचाना है। इसके लिए संस्था एक अंतरराष्ट्रीय मंच तैयार करने की दिशा में कार्य कर रही है, जिसे सनातन धर्म के “दूतावास” के रूप में विकसित करने की योजना है। इस पहल का मुख्य केंद्र काशी में स्थापित किया जाएगा, ताकि दुनिया भर से आने वाले लोग यहां की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से सीधे जुड़ सकें।

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संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि भविष्य में संगठन को संयुक्त राष्ट्र संघ में पंजीकृत कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, जिससे वैश्विक स्तर पर संस्था की गतिविधियों को व्यापक पहचान मिल सके। इसके साथ ही संगठन का विस्तार पूरे भारत में करने की योजना है। संस्था देश के प्रत्येक प्रांत में अपनी शाखाएं स्थापित करेगी, जहां आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ समाजोपयोगी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

बताया कि संस्था द्वारा स्थापित किए जाने वाले आश्रम “शिव शक्ति साधना केंद्र” के नाम से संचालित होंगे। इन केंद्रों में साधना, ध्यान और योग की नियमित व्यवस्था के साथ-साथ भारतीय दर्शन, संस्कृति और परंपरागत ज्ञान की शिक्षा भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त आधुनिक विषयों के अध्ययन की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि युवा पीढ़ी आध्यात्मिकता और आधुनिकता के बीच संतुलन स्थापित कर सके।

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संस्था ने सामाजिक सेवा को भी अपने प्रमुख उद्देश्यों में शामिल किया है। इसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता, वृद्धाश्रमों की स्थापना और गौशालाओं के संचालन जैसे कार्य किए जाएंगे। संस्था का मानना है कि सनातन धर्म केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा और मानव कल्याण भी इसकी मूल भावना का हिस्सा है।


कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि “शिव शक्ति साधना केंद्र” में देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, साधकों और शोधकर्ताओं के लिए रहने, भोजन और साधना की निःशुल्क व्यवस्था की जाएगी। इससे विभिन्न देशों के लोग काशी की आध्यात्मिक परंपरा, भारतीय दर्शन और सनातन संस्कृति का अध्ययन कर सकेंगे।

संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि संगठन के सभी सदस्य आदि गुरु शंकराचार्य और स्वामी विवेकानंद सरस्वती के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में सनातन मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि काशी से शुरू होने वाला यह अभियान आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विश्व सनातन संस्थानम न्यास के संरक्षक मंडल में जिला जज श्याम बाबू, आईएएस अभिषेक सिंह, आईपीएस कृपाशंकर सिंह और प्रो. शंकर कुमार मिश्र शामिल हैं। वहीं न्यास के अध्यक्ष डॉ. संतोष आचार्य, उपाध्यक्ष अंजू सिंह, सचिव शुभा सूर्यवंश, कोषाध्यक्ष डॉ. हिमांशु शेखर सिंह तथा सदस्य के रूप में गुजरात से यशराज गोहिल और असम से लीमा महानता जुड़े हुए हैं।

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