गंजारी-मढ़नी क्षेत्र के किसानों संग VDA की बैठक, लैण्ड पूलिंग योजना पर दी जानकारी
वाराणसी। विकास प्राधिकरण के तत्वावधान में शुक्रवार को गंजारी एवं मढ़नी क्षेत्र के किसानों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को भूमि विकास से जुड़ी लैण्ड पूलिंग योजना की संपूर्ण जानकारी देना तथा इससे संबंधित भ्रांतियों और शंकाओं का समाधान करना रहा।
उपाध्यक्ष ने कहा कि लैण्ड पूलिंग योजना किसानों के हितों को केंद्र में रखकर बनाई गई एक आधुनिक, पारदर्शी एवं सहभागी विकास योजना है। इसके माध्यम से क्षेत्र का सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत किसानों से भूमि लेकर उस पर सड़क, जल निकासी, सीवर, विद्युत व्यवस्था, हरित क्षेत्र, सामुदायिक सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक अधोसंरचनाओं का विकास किया जाएगा। इसके बाद विकसित भूमि का एक निश्चित भाग पुनः किसानों को लौटाया जाएगा, जिससे उनकी भूमि का मूल्य पहले की तुलना में कई गुना बढ़ जाएगा।

उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इस योजना में किसानों की सहमति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लैण्ड पूलिंग के माध्यम से न केवल किसानों को विकसित भूखंड मिलेंगे, बल्कि क्षेत्र में रोजगार, व्यापारिक गतिविधियों और आधारभूत सुविधाओं का भी व्यापक विस्तार होगा, जिससे समग्र विकास को गति मिलेगी।
बैठक के दौरान किसानों ने योजना से संबंधित लाभ, प्रक्रिया, समय-सीमा, मुआवजा एवं भूमि वापसी जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे। प्राधिकरण के अधिकारियों ने सभी प्रश्नों का सरल एवं स्पष्ट भाषा में उत्तर दिया। अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से लैण्ड पूलिंग प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया, जिससे किसानों को योजना की कार्यप्रणाली आसानी से समझ में आई।
इस अवसर पर वाराणसी विकास प्राधिकरण के सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा एवं अपर सचिव गुड़ाकेश शर्मा भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि प्राधिकरण पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है और किसानों के हितों की रक्षा सर्वोपरि है।
अंत में उपाध्यक्ष ने किसानों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और योजना से संबंधित सही जानकारी के लिए सीधे वाराणसी विकास प्राधिकरण से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि किसानों के सहयोग से ही क्षेत्र का सुनियोजित, संतुलित एवं सतत विकास संभव है।

