वाराणसी: डोमरी गांव में नगर निगम पर जबरन तोड़फोड़ का आरोप, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
वाराणसी। सदर तहसील के मौजा डोमरी, परगना राल्हूपुर के ग्रामीणों ने नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों पर पैतृक भूमि पर जबरन तोड़फोड़ और कब्जे का प्रयास करने का आरोप लगाया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार आराजी संख्या 310 की भूमि को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मुकदमा संख्या 275 सन् 2025, “रामकेश व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य” शीर्षक से सिविल जज (मी० डी०) की अदालत में लंबित है। इसके बावजूद निगम के अधिकारी गांव पहुंचकर संबंधित भूमि पर तोड़फोड़ कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें फौजदारी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
किसान नेता सच्चिदानंद पांडे ने कहा कि उक्त भूमि उनकी पैतृक संपत्ति है और वे उसके वास्तविक काश्तकार हैं। उनका कहना है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद इस प्रकार की कार्रवाई नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक दबाव बनाकर ग्रामीणों को डराने की कोशिश की जा रही है।
वहीं किसान नेता लाल बहादुर ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि गांव के लोग भयभीत और सहमे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने शीघ्र हस्तक्षेप कर कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक न्यायालय में मामला विचाराधीन है, तब तक किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या कब्जे की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

