वाराणसी : सर्दी में लड़खड़ाई यातायात व्यवस्था, घंटों देरी से पहुंची ट्रेनें, फ्लाइटों का भी यही हाल, यात्री बेहाल   

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वाराणसी। नए साल के पहले दिन मौसम साफ रहने के बावजूद रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। ट्रेनों और उड़ानों की लेटलतीफी ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। खासकर वाराणसी से दिल्ली की यात्रा यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुई, जहां एक यात्री को दिल्ली पहुंचने में पूरे 18 घंटे का समय लग गया।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से वाराणसी आने-जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देरी से चलीं। दिल्ली से वाराणसी आने वाली 15128 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह 4:40 बजे के बजाय करीब 18 घंटे की देरी से रात 11:25 बजे वाराणसी जंक्शन पहुंची। इसी तरह 14006 लिच्छवी एक्सप्रेस करीब 6 घंटे, 12554 वैशाली एक्सप्रेस 6 घंटे 25 मिनट और 12260 नई दिल्ली-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस लगभग 8 घंटे 30 मिनट की देरी से पहुंची। वहीं वाराणसी से दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनें भी घंटों विलंब से रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा।

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दूसरी ओर, हवाई यातायात भी सुचारू नहीं रहा। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तकनीकी और परिचालन कारणों से कुल 32 उड़ानें देरी से पहुंची। इनमें आने और जाने वाली दोनों तरह की फ्लाइटें शामिल रहीं। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, रनवे पर कोई दृश्यता संबंधी समस्या नहीं थी, इसके बावजूद एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट और अन्य तकनीकी कारणों से उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ।

स्थिति यह रही कि मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों से आने-जाने वाली कई फ्लाइटें या तो रद्द रहीं या भारी देरी से संचालित हुईं। इससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने एयरलाइंस की व्यवस्था और सूचना तंत्र पर भी सवाल खड़े किए। रेलवे और एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि स्थिति को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं और यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले ट्रेनों और उड़ानों की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।

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