वाराणसी : नो-एंट्री में दौड़ रहे बालू लदे ट्रैक्टर, सुसुवाही में बढ़ा हादसों का खतरा, लोगों में आक्रोश

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वाराणसी। शहर में नो-एंट्री नियमों के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से लोगों की सुरक्षा पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सुसुवाही क्षेत्र में बालू और निर्माण सामग्री से लदे ट्रैक्टर दिन के समय भी धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण इस मार्ग पर हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

शनिवार सुबह सुसुवाही क्षेत्र में एक बालू से लदा ट्रैक्टर तेज रफ्तार से गुजरता दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की गति इतनी अधिक थी कि यदि अचानक कोई राहगीर, स्कूली बच्चा या दोपहिया चालक सामने आ जाता तो गंभीर हादसा हो सकता था। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही पर चिंता जताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

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क्षेत्रवासियों का कहना है कि सुसुवाही की सड़कें घनी आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरती हैं, जहां सुबह और शाम के समय स्कूली बच्चों, छात्रों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों की आवाजाही सबसे अधिक रहती है। इसके बावजूद बालू लदे ट्रैक्टर निर्धारित समय का पालन किए बिना आबादी वाले क्षेत्रों से गुजर रहे हैं। इससे सड़क पर चलने वाले लोगों में हमेशा भय का माहौल बना रहता है।

स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, इस मार्ग पर पहले भी ट्रैक्टरों की चपेट में आने से कई लोग घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद नो-एंट्री नियमों का उल्लंघन लगातार जारी है। लोगों का आरोप है कि नियमों की निगरानी और प्रवर्तन में ढिलाई के कारण वाहन चालक बेखौफ होकर भारी वाहन लेकर निकल रहे हैं।

क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नो-एंट्री व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए और बालू व निर्माण सामग्री ढोने वाले ट्रैक्टरों की आवाजाही पर नियमित निगरानी रखी जाए। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन की सक्रियता ही क्षेत्र में सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित कर सकती है।

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