वाराणसी: साइबर शिकायतों में लापरवाही पर पुलिस आयुक्त का बड़ा एक्शन, 4 दरोगा लाइन हाजिर, 2 निलंबित
वाराणसी। साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को साइबर सेल एवं जनपद के सभी थानों के साइबर हेल्प डेस्क प्रभारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। समीक्षा के दौरान शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित प्रगति न मिलने और लापरवाही पाए जाने पर चार उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया, जबकि 60 दिनों से अधिक समय तक विवेचनाएं लंबित रखने वाले दो विवेचकों को निलंबित कर दिया गया।
कार्रवाई के तहत कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक विजय कुमार यादव, आदमपुर के सौरभ कुमार, शिवपुर के पवन जायसवाल तथा जंसा के तबीज खान को पुलिस लाइन भेजा गया है। वहीं सिंधौरा थाने के उपनिरीक्षक रोहित कुमार और लोहता थाने के उपनिरीक्षक ऋतुराज मिश्रा को निलंबित किया गया है। पुलिस आयुक्त ने बैठक में काशी, वरुणा और गोमती जोन के थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए साइबर अपराध नियंत्रण, तकनीकी जांच और शिकायत निस्तारण को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि 1 जनवरी 2026 से 20 जून 2026 तक साइबर फ्रॉड के मामलों में लगभग 6 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड अथवा फ्रीज कराकर पीड़ितों को राहत दिलाई गई है। इसके अलावा वर्ष 2026 में अब तक साइबर अपराधों में प्रयुक्त 3198 मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए हैं तथा 509 मोबाइल फोन के IMEI नंबर डिएक्टिवेट किए गए हैं। साइबर शिकायतों के निस्तारण में 76 प्रतिशत डिस्पोजल रेट हासिल होने पर पुलिस आयुक्त ने संतोष व्यक्त किया, साथ ही इसे और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के प्रभावी अनुपालन के चलते शिकायतों का लियन टाइम घटकर मात्र 14 मिनट रह गया है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने अधिकारियों को इस प्रदर्शन को बनाए रखने के साथ-साथ और अधिक सुधार लाने के लिए प्रेरित किया। बैठक में साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों, म्यूल अकाउंट, फर्जी सिम कार्ड, संदिग्ध खाताधारकों और साइबर अपराधियों के नेटवर्क के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही प्रतिबिंब एवं समन्वय पोर्टल की प्रभावी मॉनिटरिंग, फर्जी पीओएस मशीनों के खिलाफ अभियान चलाने तथा व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में पुलिस उपायुक्त अपराध नीतू, अपर पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध नृपेन्द्र सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

