वाराणसी : रविदास घाट से गूंजा समरसता का संदेश, मानवता और स्वच्छता का लिया संकल्प
वाराणसी। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में चल रहे राष्ट्रव्यापी 'समरसता संकल्प अभियान' के अंतर्गत मंगलवार को संत रविदास घाट पर सामाजिक समरसता, स्वच्छता और मानवता का प्रेरक संदेश देने के उद्देश्य से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरु पूर्णिमा से प्रारंभ इस अभियान के तहत नमामि गंगे द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने भाग लेकर संत रविदास के अमर संदेश "मन चंगा तो कठौती में गंगा" को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संयोजन नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में "मन चंगा तो कठौती में गंगा" लिखी तख्तियां लेकर जागरूकता रैली निकाली। साथ ही कठौती में गंगाजल भरकर लोगों को यह संदेश दिया कि ईश्वर की सच्ची आराधना बाहरी आडंबर में नहीं, बल्कि मन की पवित्रता, अच्छे विचारों और निष्कलंक कर्मों में निहित है। इस अनूठे आयोजन ने घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश (दिव्यांग प्रकोष्ठ) के संयोजक एवं रविदास पार्क में प्रस्तावित दीपोत्सव कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. उत्तम ओझा ने कहा कि संत रविदास का संपूर्ण जीवन समानता, मानवता और सामाजिक न्याय के आदर्शों से प्रेरित रहा। उन्होंने समाज को जाति, ऊंच-नीच और भेदभाव से मुक्त कर प्रेम, भाईचारे और समरसता का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। उन्होंने कहा कि संत रविदास की शिक्षाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
राजेश शुक्ला ने कहा कि "मन चंगा तो कठौती में गंगा" केवल एक प्रसिद्ध कहावत नहीं, बल्कि संत रविदास का गहन आध्यात्मिक और सामाजिक दर्शन है। इसका सार यह है कि यदि व्यक्ति का मन निर्मल और कर्म पवित्र हों, तो ईश्वर की कृपा हर स्थान पर प्राप्त हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गंगा की स्वच्छता आवश्यक है, उसी प्रकार मन और विचारों की शुद्धता भी समाज के स्वस्थ विकास के लिए अनिवार्य है। उन्होंने सभी से गंगा संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक समरसता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने सामाजिक भेदभाव समाप्त करने, स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने, गंगा एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने तथा संत रविदास के समरसता, मानवता और सद्भाव के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, सहसंयोजक (लघु उद्योग) विशाल केसरी, दिनेश कुमार सिंह, सतवंत भारती, रवि निषाद, संजय शर्मा सहित नमामि गंगे के स्वयंसेवक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

