वाराणसी : राष्ट्रीय युवा दिवस पर गंगा तट से स्वच्छ और स्वस्थ भारत का संदेश
वाराणसी। स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर नमामि गंगे अभियान के तहत श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित गंगा द्वार पर विशेष स्वच्छता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान युवाओं और आमजन को स्वच्छता, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया गया तथा स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायी विचारों का स्मरण किया गया।

कार्यक्रम के दौरान गंगा तट पर स्वामी विवेकानंद का प्रसिद्ध वाक्य “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” गूंजता रहा। इसी संदेश के साथ स्वच्छ और स्वस्थ भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपनी सरल और ओजस्वी विचारधारा से देश की तत्कालीन समस्याओं के समाधान का मार्ग दिखाया। उन्होंने योग और वेदांत के माध्यम से जीवन को संतुलित और उद्देश्यपूर्ण बनाने का संदेश दिया। उनका मानना था कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ विचारों से ही एक सशक्त और विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव है।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति और दर्शन को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई। उनके विचारों ने युवाओं में आत्मविश्वास, सेवा भाव, शिक्षा के महत्व और चरित्र निर्माण की भावना को प्रबल किया। मानवता की सेवा और आत्मनिर्भरता पर उनका जोर आज के समय में और भी प्रासंगिक हो गया है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने गंगा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। आयोजन में विनीता राय, मयंका नेगी, रिंकल, अमित सिंह नेगी, ओमचंद्र मित्तल, राकेश रोशन सहित नमामि गंगे से जुड़े अनेक कार्यकर्ता और समाजसेवी मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से जोड़ते हुए स्वच्छता और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।

